हर बच्चे में अभिनय का नैसर्गिक गुण,तराशने की जरूरत है : किरण यादव
—भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री किरण यादव ने लाइब्रेरी की छात्राओं से किया संवाद
वाराणसी,11 जनवरी (हि.स.)। हर बच्चे में अभिनय का नैसर्गिक गुण होता है बस उसे तराशने की जरूरत होती है। यह सिर्फ़ प्रतिभा नहीं, बल्कि एक कला है जिसमें भावनात्मक गहराई, शारीरिक अभिव्यक्ति, आवाज का नियंत्रण और निरंतर सीखने की आवश्यकता होती है। रविवार को यह बातें भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री किरण यादव ने कहीं। अवसर था चौबेपुर के भंदहा कला ग्राम स्थित आशा ट्रस्ट के लाइब्रेरी में बालिकाओं से संवाद का। अभिनेत्री ने संवाद कार्यक्रम में कहा कि एक अभिनेता या अभिनेत्री को अपनी स्वाभाविक प्रतिभा को प्रशिक्षण और अनुशासन से निखारना होता है। जैसे एक मूर्तिकार पत्थर को तराशता है, ताकि वह किरदार को जीवंत कर सके । दर्शकों तक भावनाओं को सफलतापूर्वक पहुँचा सके, जिसके लिए अभिनय स्कूल, वर्कशॉप और निरंतर अभ्यास महत्वपूर्ण हैं । इस अवसर पर अभिनेत्री का अभिनंदन करते हुए ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि स्कूल स्तर से यदि अभिनय के क्षेत्र में नन्ही प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाए तो अच्छे कलाकारों को तैयार किया जा सकता है । छात्राओं को संबोधित करते हुए अभिनेता एवं आकाशवाणी कलाकार तेज बहादुर यादव उर्फ़ मंगरू भैया ने कहा कि हम अपने आसपास के परिवेश से ही अभिनय की प्रेरणा और प्रशिक्षण पाते हैं। इस दौरान प्रदीप सिंह, दीन दयाल, सौरभ चन्द्र, अवनीश, सनी, सरोज, रूबी, प्रवीण और ज्योति आदि भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी