श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर भारत की उन्नति के लिए उतारी भगवान आदि केशव की आरती
—पर्यावरण क्रांति के प्रेरक श्रीकृष्ण से मांगा प्रकृति की रक्षा का आशीर्वाद
वाराणसी, 04 सितंबर (हि.स.)। पर्यावरण के सबसे बड़े संरक्षक व दुनिया भर को समतामूलक समाज का संदेश देने वाले भगवान श्री कृष्ण के जन्मोसव पर शुक्रवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवकों ने वाराणसी में आदि केशव घाट पर स्थित भगवान आदिकेशव की आरती उतारी।
शहर के प्राचीन विष्णु तीर्थ आदि केशव घाट पर स्थित भगवान आदिकेशव की मूर्ति के समक्ष माखन मिश्री का भोग लगाकर लोक मंगल और भारत के लिए सुख समृद्धि की कामना की गई। नमामि गंगे ने भगवान श्रीकृष्ण के समग्र जीवन और उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम के संयोजक गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि शरीर में कंस का अर्थात् अहंकार का राज्य न रहे अपितु श्रीकृष्ण के प्रेम, समत्व की बंसी बजे। हर परिस्थिति में समता, प्रसन्नता हो यही जन्माष्टमी का संदेश है। भगवान कृष्ण ने प्रदूषण रूपी कालिया नाग का दहन कर माता की तरह हितकारिणी नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश दिया है। भगवान श्री कृष्ण को प्रकृति और पर्यावरण का सबसे बड़ा रक्षक माना जाता है। उन्होंने अपने जीवन के हर पड़ाव पर मनुष्यों को प्रकृति से जुड़ने और उसका सम्मान करने का संदेश दिया है। जब हम भगवान कृष्ण से एक अच्छे और स्वस्थ पर्यावरण का आशीर्वाद मांगते हैं, तो हमें उनके जीवन के उन प्रसंगों को याद करना चाहिए जो पर्यावरण संरक्षण की सीख देते हैं। आयोजन के दौरान आदि केशव मंदिर के महंत एवं दर्शन पूजन के लिए आए श्रद्धालु भी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी