गौ-रक्षा के लिए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद करेंगे 81 दिवसीय 'गविष्ठि यात्रा'

 


—उत्तर प्रदेश के हर विधान सभा में गौधाम की होगी स्थापना

वाराणसी,15 अप्रैल (हि.स.)। गौमाता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने और सनातन धर्म के संरक्षण के लिए ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के सान्निध्य में 81 दिवसीय 'गविष्ठि (गो-रक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा निकलेगी। यह विशाल यात्रा उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी, जिसका नेतृत्व शंकराचार्य और गोपाल 'मणि करेंगे।

बुधवार को यह जानकारी केदारघाट स्थित श्री विद्यामठ के प्रवक्ता संजय पांडेय ने दी। उन्होंने बताया कि यह यात्रा ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया से प्रारंभ होकर आषाढ़ शुक्ल दशमी (तदनुसार 03 मई से 24 जुलाई 2026) तक अनवरत चलेगी। यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में गौ-भक्तों को जागृत करना और गौ-रक्षा हेतु ठोस कदम उठाना है। गविष्ठि यात्रा के प्रमुख संकल्पों में गौमाता को राज्यमाता/राष्ट्रमाता की प्रतिष्ठा सुनिश्चित कराना,प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक गौधाम' की स्थापना करना, प्रत्येक विधानसभा में हिंदुओं को 'गौ मतदाता' बनने के लिए प्रेरित करना, प्रत्येक ग्राम और मोहल्ले में 05 गौ वीरों' की नियुक्ति कर सुरक्षा तंत्र मजबूत करना,विधानसभा स्तर पर मौजूद गौशालाओं और बूचड़खानों की वर्तमान स्थिति का सटीक आंकलन करना है। संजय पांडेय ने बताया कि इस 81 दिवसीय यात्रा का भव्य समापन 24 जुलाई 2026 को लखनऊ स्थित 'मान्यवर श्री कांशीराम सांस्कृतिक स्थल (स्मृति उपवन)'में होगा। इस अवसर पर एक विशाल धर्मसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश भर से लाखों गौ-भक्त सम्मिलित होंगे। इस यात्रा का संयोजन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दंडी संन्यासी शिष्य स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानन्द गिरि करेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी