वाराणसी में धान खरीद के लिए 39 क्रय केंद्र स्थापित, 28 फरवरी 2027 तक होगी खरीद

 


—सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2441 और ग्रेड-ए का 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित, 40 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य

वाराणसी, 03 नवंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत वाराणसी जनपद में धान खरीद की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों से धान खरीद के लिए जिले में कुल 39 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर एक नवंबर से खरीद शुरू हो गई है, जो आगामी 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। शासन की ओर से जिले के लिए 40 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश कुमार झा ने मंगलवार काे बताया कि सभी 39 क्रय केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा, नमी मापक यंत्र, छन्ना, पावर डस्टर, बायोमेट्रिक डिवाइस और तिरपाल समेत आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अनुसार सामान्य धान का मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का मूल्य 2461 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।

उन्होंने बताया कि एग्रीस्टैक में फार्मर आईडी रखने वाले किसानों को धान बिक्री के लिए अलग से पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे किसानों से फार्मर आईडी के आधार पर सीधे खरीद की जाएगी। वहीं, अन्य इच्छुक किसान खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर आधार ओटीपी के माध्यम से स्वयं अथवा जनसेवा केंद्र (सीएससी) के जरिए पंजीकरण करा सकते हैं।

धान खरीद के लिए किसानों को आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, बैंक पासबुक और खतौनी से संबंधित विवरण उपलब्ध कराना होगा। बैंक खाता आधार से सीडेड और एनपीसीआई से मैप्ड होना अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद भूमि और धान के रकबे का सत्यापन तहसीलदार अथवा उपजिलाधिकारी स्तर से किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही किसान की खरीद सीमा निर्धारित होगी। पंजीकरण में नाम, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड अथवा खतौनी के विवरण में त्रुटि होने पर भुगतान में परेशानी हो सकती है। इसलिए किसानों से खरीद से पहले सभी अभिलेखों में त्रुटियां दुरुस्त कराने की अपील की गई है। बटाईदार किसान भी भूमि स्वामी की सहमति से पंजीकरण करा सकेंगे।

नमी के नाम पर नहीं होगी कटौती, 48 घंटे में भुगतान

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर एमएसपी, खरीद का समय, केंद्र प्रभारी का नाम, मोबाइल नंबर और टोल फ्री नंबर प्रदर्शित करने के लिए बैनर लगाए गए हैं। केंद्रों पर किसानों को धान सुखाने और साफ करने के संबंध में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। धान में अधिकतम 17 प्रतिशत तक नमी स्वीकार्य होगी और नमी के नाम पर किसानों के धान के मूल्य में कोई कटौती नहीं की जाएगी। प्रत्येक लॉट की गुणवत्ता जांच के बाद ही तौल की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि धान की खरीद केवल ऑनलाइन प्रक्रिया और किसान के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही होगी। खरीद के दिन ही बिल अग्रसारित कर दिया जाएगा तथा पीएफएमएस के माध्यम से 48 घंटे के भीतर किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। किसानों से किसी भी प्रकार का कटौती शुल्क, श्रम शुल्क अथवा तौल कटौती नहीं ली जाएगी। क्रय केंद्रों पर बिचौलियों और व्यापारियों से धान खरीद पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

अमानक बताकर धान लौटाने पर 48 घंटे में कर सकेंगे अपील

किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रत्येक क्रय केंद्र पर शिकायत पंजिका उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी किसान का धान अमानक बताकर वापस किया जाता है तो वह 48 घंटे के भीतर क्षेत्रीय विपणन अधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। इसके बाद मंडी सचिव, केंद्र प्रभारी और दो स्वतंत्र किसानों की समिति धान की गुणवत्ता की दोबारा जांच करेगी।

सभी क्रय केंद्रों की जियो टैगिंग की गई है और इंस्पेक्शन एप के माध्यम से उनकी निगरानी की जाएगी। खरीद प्रक्रिया में लापरवाही या शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने किसानों से समय रहते पंजीकरण और अभिलेखों का सत्यापन पूरा कराने की अपील की है, ताकि धान बिक्री के समय किसी प्रकार की असुविधा न हो। किसी भी समस्या के लिए किसान कार्यालय जिला खाद्य विपणन अधिकारी, वाराणसी अथवा संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी से संपर्क कर सकते हैं।------------

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी