मां विंध्यवासिनी के प्रसाद को मिलेगी वैश्विक पहचान
- ओडीओसी योजना से दुनिया भर में मिठास बिखेरेगा मीरजापुर का लाल पेड़ा, कारोबार को मिलेगी नई उड़ान
मीरजापुर, 14 जुलाई (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी धाम की आस्था से जुड़ा प्रसिद्ध मीरजापुर का लाल पेड़ा अब वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। योगी सरकार ने एक जनपद-एक व्यंजन (ओडीओसी) योजना में लाल पेड़ा को शामिल कर इसके उत्पादन, ब्रांडिंग और विपणन को नई दिशा देने की पहल की है। इससे न केवल पारंपरिक मिठाई को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा, बल्कि इससे जुड़े कारीगरों, छोटे उद्यमियों और कारोबारियों की आय में भी वृद्धि होगी।
विंध्याचल मंडल के संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि योजना के तहत 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर अनुदान का प्रावधान किया गया है। इससे नई इकाइयों की स्थापना, पुराने प्रतिष्ठानों का आधुनिकीकरण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। वर्तमान में जिले की करीब 65 इकाइयों से लगभग 400 लोगों की आजीविका लाल पेड़ा कारोबार से जुड़ी है।
उन्होंने बताया कि उद्यमियों को आर्थिक सहायता के साथ आधुनिक पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता मानकों और उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि लाल पेड़ा लंबे समय तक सुरक्षित रहे और देश-विदेश के बाजारों तक आसानी से पहुंच सके।
आस्था से उद्योग तक का सफर
मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन के बाद श्रद्धालु वर्षों से लाल पेड़ा प्रसाद के रूप में अपने साथ ले जाते रहे हैं। अब यही पारंपरिक मिठाई धार्मिक आस्था के साथ 'मेड इन मीरजापुर' की पहचान बनकर वैश्विक बाजार में पहुंचने की तैयारी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ओडीओसी योजना से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, कारीगरों के हुनर को आधुनिक तकनीक का साथ मिलेगा और मीरजापुर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
क्या है ओडीओसी योजना का लाभ
25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं पर अनुदान।
नई इकाइयों की स्थापना और पुराने कारोबार के विस्तार को बढ़ावा।
आधुनिक पैकेजिंग व गुणवत्ता नियंत्रण का प्रशिक्षण।
लाल पेड़ा की शेल्फ लाइफ बढ़ाने की तकनीक।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने में सहयोग।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा