विदेशों में गूंज रही विंध्य की संस्कृति, एनआरआई दीक्षित बंधुओं का हुआ सम्मान

 


मीरजापुर, 25 जुलाई (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी की नगरी विंध्याचल में शुक्रवार को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के विदेशों में प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले दो प्रवासी भारतीय (एनआरआई) कृष्ण प्रताप दीक्षित और राम निवास दीक्षित का सम्मान किया गया। सेल्फ रिलायंस इनिशिएटिव्स सोसायटी की ओर से अटल चौक स्थित अन्नपूर्णा रिजेंसी में आयोजित समारोह में दोनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने कहा कि अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जैसे देशों में दशकों से भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों का प्रचार-प्रसार कर रहे दीक्षित बंधुओं का सम्मान पूरे मीरजापुर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति का वैश्विक विस्तार ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को मजबूत कर रहा है।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए कृष्णकांत द्विवेदी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञान प्राप्त करने की प्रक्रिया और उसके सदुपयोग पर भी समान रूप से बल देती है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है।

इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। सभी अतिथियों को मां विंध्यवासिनी की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष बालेंदुमणि त्रिपाठी, डॉ. एस.एन. पाठक, नीरजा त्रिपाठी सहित कई गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। अतिथियों का स्वागत कैलाशपति त्रिपाठी ने किया, जबकि संचालन राजेंद्र त्रिपाठी ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, समाजसेवी और नागरिक उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा