आस्था के द्वार पर विकास की भव्य दस्तक, बदला विन्ध्याचल स्टेशन का स्वरूप

 


मीरजापुर, 11 जुलाई (हि.स.)। मां विन्ध्यवासिनी धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश द्वार माने जाने वाले विन्ध्याचल रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कायाकल्प किया गया है। लगभग 23.24 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है। अब यह स्टेशन यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विन्ध्याचल की सांस्कृतिक विरासत का भी एहसास कराएगा।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने शनिवार काे बताया कि पुनर्विकास कार्य के तहत स्टेशन पर आधुनिक जी+1 भवन, विशाल कॉन्कोर्स, एग्जीक्यूटिव लाउंज, आरामदायक प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम और आधुनिक टिकटिंग सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन परिसर में अलग प्रवेश एवं निकास मार्ग, हरित लैंडस्केपिंग, पर्याप्त पार्किंग और दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित आवागमन की व्यवस्था भी की गई है।

यात्रियों की सुविधा के लिए 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, जिसमें भविष्य में लिफ्ट लगाने का प्रावधान रखा गया है। आधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, स्वच्छ शौचालय, दिशासूचक संकेतक तथा स्थानीय कला और संस्कृति पर आधारित सज्जा स्टेशन को नई पहचान प्रदान कर रही है।

मां विन्ध्यवासिनी शक्तिपीठ में वर्षभर देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र मेले के दौरान यहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। ऐसे में पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार बनाएगा।

आस्था, इतिहास और संस्कृति का संगम है विन्ध्याचल

गंगा तट पर स्थित माँ विन्ध्यवासिनी शक्तिपीठ देश के प्रमुख सिद्धपीठों में शामिल है। यहां आदिशक्ति के तीनों स्वरूप—महालक्ष्मी, महाकाली और महासरस्वती—के मंदिर एक ही क्षेत्र में स्थित हैं। वर्षभर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि चैत्र और शारदीय नवरात्र में यह नगर भक्ति के विराट केंद्र के रूप में दिखाई देता है। पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन अब श्रद्धालुओं का स्वागत आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ विन्ध्याचल की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान से भी कराएगा।

यात्रियों को मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

- 23.24 करोड़ रुपये से हुआ स्टेशन का पुनर्विकास।

- आधुनिक जी+1 स्टेशन भवन तैयार।

- विशाल कॉन्कोर्स, एग्जीक्यूटिव लाउंज और प्रतीक्षालय।

- 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवरब्रिज।

- दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित आवागमन।

- आधुनिक सूचना प्रणाली, स्वच्छ शौचालय और पर्याप्त पार्किंग।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा