ललही छठ पर विंध्य पर्वत पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मां षष्टी के दर्शन को पहुंचे हजारों श्रद्धालु

 


मीरजापुर, 02 सितंबर (हि.स.)। ललही छठ पर्व पर बुधवार को विंध्यधाम सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आस्था और परंपरा का रंग देखने को मिला। पुत्र की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर महिलाओं ने व्रत रखा और विधि-विधान से ललही माता की पूजा-अर्चना की। घरों और देवस्थलों पर तिन्नी के चावल, महुआ, दही और फलों का भोग अर्पित किया गया।

ललही छठ के अवसर पर विंध्य पर्वत स्थित कालीखोह और अष्टभुजा देवी के बीच विराजमान कात्यायनी स्वरूपा मां षष्टी (खरष्टि) देवी के मंदिर पर विशेष मेला लगा। सुबह मां षष्टी का श्रृंगार और पूजन किया गया। इसके बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक चलता रहा। पहाड़ों की हरियाली के बीच स्थित मां के दरबार में आसपास के क्षेत्रों के साथ दूर-दराज से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे।

मान्यता है कि मां षष्टी की विशेष पूजा-अर्चना करने से संतान संबंधी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। नवविवाहित दंपती और पुत्र-पुत्री के जन्म के बाद श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ मां के दरबार में पहुंचकर दर्शन करते हैं तथा श्रृंगार पूजन और अनुष्ठान कराते हैं।

मेले को लेकर अष्टभुजा डाक बंगला रोड के दोनों ओर प्रसाद, मिठाई, खान-पान, खिलौने और गुब्बारों की दुकानें सजी रहीं। बच्चों ने मेले का आनंद लिया तो श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण किया। भीड़ को देखते हुए अष्टभुजा चौकी की पुलिस सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रही। इधर, विंध्यधाम क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों और ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं ने ललही माता का पूजन कर पुत्र की दीर्घायु और परिवार की सुख-शांति की कामना की।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा