सब्जी अनुसंधान संस्थान की 15 नई किस्में विमोचित, किसानों को मिलेगा लाभ

 


मीरजापुर, 27 मार्च (हि.स.)। चुनार क्षेत्र के अदलपुरा स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान की 15 उत्कृष्ट शोध एवं उत्पादन वाली सब्जी किस्मों को शुक्रवार को 15वीं राज्य किस्म विमोचन समिति की बैठक में विमोचित किया गया। इसे संस्थान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

विमोचित किस्मों में टमाटर, चेरी टमाटर, मटर, करैला, लौकी, ग्वार, विंग्ड बीन, चौलाई, सिंघाड़ा, बेबी कॉर्न और कमल (लोटस) जैसी फसलें शामिल हैं। टमाटर की काशी चेरी टमाटर-3 व 14, काशी दक्ष, काशी श्रेष्ठा और काशी आर्या जैसी किस्में बेहतर उत्पादन व रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए विकसित की गई हैं। वहीं मटर की काशी त्रिशक्ति व काशी धन्वी भी रोग प्रतिरोधी और अगेती किस्में हैं।

अन्य फसलों में काशी अर्पिता करैला, काशी प्रिया लौकी, काशी रुद्राक्ष विंग्ड बीन, काशी लाल चौलाई, काशी सिंघाड़ा-1, काशी परी बेबी कॉर्न और काशी वैभव कमल की किस्में विशेष रूप से उपयोगी बताई गई हैं। इनमें उच्च उत्पादन, पोषण मूल्य और प्रतिकूल परिस्थितियों को सहने की क्षमता है।

संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि यह उपलब्धि किसानों की आय बढ़ाने और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संस्थान “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को ध्यान में रखकर अनुसंधान कार्य कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा