वाराणसी विकास प्राधिकरण में रिकॉर्ड राजस्व, 11 माह में 500 करोड़ रूपये की आय

 


—200 करोड़ रूपये अवस्थापना विकास पर होंगे खर्च, 1,952 भवन मानचित्र स्वीकृत

वाराणसी,01 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने नवंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 500 करोड़ रूपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है। प्राधिकरण के इतिहास में यह अब तक का सर्वाधिक राजस्व है। इससे पहले वार्षिक राजस्व करीब 120 करोड़ रूपये रहा है। राजस्व वृद्धि में भवन मानचित्र स्वीकृति में 250 प्रतिशत की बढ़ोतरी, नियमितीकरण तथा भूमि खंडों के निस्तारण की अहम भूमिका रही। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार, इस अवधि में 1,073 नियमितीकरण और 879 नए ऑनलाइन भवन मानचित्र, यानी कुल 1,952 मानचित्र स्वीकृत किए गए। इसके अलावा 93 भू-विन्यास, 22 सामूहिक आवासीय और 39 होटल परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली। इसमें 39 होटल परियोजनाओं से वाराणसी में करीब 1,900 नए कमरे जुड़ेंगे। इनमें हॉलिडे इन, ताज गेटवे, पुलमैन, आईटीसी वेलकम, नोवोटेल, जिंजर, सेंटरम होटल, होटल मोमेंटस, सरोवर पोर्टिको और लेमन ट्री जैसे प्रमुख होटल समूहों की परियोजनाएं शामिल हैं। इससे पर्यटन, आतिथ्य और रोजगार को गति मिलने की संभावना है। वहीं, 22 सामूहिक आवासीय परियोजनाओं के जरिए 2,283 आवासीय इकाइयां विकसित होंगी। इनमें शालीमार स्काईलाइन, वाटिका डेवलपर्स, एनआईपी हाउसिंग, देवभूमि इंफ्रा, रुद्र ग्रुप, फ्लोरिट कंस्ट्रक्शन, जीडीएसी बिल्डकॉन, त्रिदेव पैराडाइज, स्वास्तिक ग्रुप और गणपति ग्रुप की परियोजनाएं शामिल हैं।

—200 करोड़ रूपये से होगा अवस्थापना विकास

वाराणसी विकास प्राधिकरण चालू वित्तीय वर्ष में रिकॉर्ड राजस्व में से 200 करोड़ रूपये अवस्थापना विकास परियोजनाओं पर खर्च करेगा। वर्तमान में वीडीए का कार्यक्षेत्र करीब 1,000 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें वाराणसी, चंदौली और मिर्जापुर के 800 से अधिक गांव शामिल हैं। इसके साथ ही प्राधिकरण करीब 350 एकड़ भूमि, जिसकी लागत लगभग 1,200 करोड़ रूपये है, अर्जित कर चुका है। इस भूमि पर नियोजित नगर बस्तियां विकसित की जाएंगी, जहां आवासीय कॉलोनियों के साथ वाणिज्यिक केंद्र, विद्यालय, अस्पताल, मनोरंजन स्थल और अन्य नागरिक सुविधाएं भी होंगी।

प्राधिकरण नागरिकों को भवनों के मानचित्र स्वीकृत कराने और पूर्व निर्मित भवनों को शुल्क देकर नियमित कराने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। ऑनलाइन भवन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली के जरिए आवेदन किया जा सकता है। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के अनुसार,प्राधिकरण को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर वाराणसी के अवस्थापना विकास और नागरिक सुविधाओं को नई गति देना है। उन्होंने बिना स्वीकृत मानचित्र वाले भवन स्वामियों से आगे आकर भवन नियमित कराने की अपील की। रिकॉर्ड राजस्व, बड़े पैमाने पर भवन एवं होटल परियोजनाओं की स्वीकृति तथा प्रस्तावित नियोजित नगर बस्तियों के जरिए वाराणसी में नियोजित शहरी विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी