मणिकर्णिका के वृहद शवदाह घाट पर 38 प्लेटफार्म बनेंगे : रवीन्द्र जायसवाल

 


वाराणसी, 17 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के स्टाम्प व न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल ने वाराणसी में पत्रकारों को मणिकर्णिका घाट पर वृहद शवदाह घाट के संबंध में कहा कि मणिकर्णिका घाट एक मणि बना हुआ था। मणि का अर्थ है, जहां पर लोग बैठा करते थे। वृहद शवदाह घाट के जीर्णोद्धार कार्य के दौरान ठेकेदार ने मणि को तोड़ा। उसी वक्त मणि की दीवार पर बनी हुई अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति टूट गई। ठेकेदार की लापरवाही से यह हुआ है। विपक्ष का काम केवल विरोध करना है।

मंत्री रवीन्द्र जासवाल ने बताया कि मणिकर्णिका के वृहद शवदाह घाट पर 38 प्लेटफार्म बनेंगे और शव यात्रा में शामिल होने वाले लोगों के लिए वेटिंग रूम भी बनाए जाएंगे। यह सभी कुछ वाराणसी और दूर दूर से शव लेकर आने वाले लोगों की सुविधा के लिए होने जा रहा है। मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्य के लिए रूपा फाउंडेशन ने 18 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रशासन की देखरेख में कार्यदायी संस्था की ओर से विकास कार्य कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम केवल विरोध करना है। अहिल्याबाई की जयंती भाजपा ने मनाना आरंभ किया है। विपक्ष के लोगों ने कभी जयंती नहीं मनाई है। उन्हें अहिल्याबाई की मूर्ति टूटने का आज दर्द हो रहा है। यह भी बता दूं कि मूर्ति के टूटे हुए हिस्से को संरक्षित किया गया है, जिससे आगे मूर्ति की मरम्मत कर पुनः स्थापित किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद