वाराणसी नगर निगम का बड़ा फैसला : 25 वार्डों में अब चार घंटे में होगा जनशिकायतों का निस्तारण
- गंगा घाट से जुड़े 25 वार्डों में सात जुलाई से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत
- जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, वृक्षारोपण, पीला कार्ड और कंट्रोल रूम समेत कई अहम प्रस्तावों पर मुहर
वाराणसी, 27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में वाराणसी नगर निगम ने शहरवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जनशिकायतों के निस्तारण की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। शनिवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया कि सीवर, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, कूड़ा उठान, सिल्ट सफाई सहित अन्य बुनियादी समस्याओं का समाधान शिकायत दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके लिए सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शिकायतें दर्ज की जाएंगी। योजना की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में गंगा घाट से जुड़े राजघाट से अस्सी घाट तक के 25 वार्डों में सात जुलाई से होगी। नगर निगम जल्द ही नागरिकों की सुविधा के लिए एक विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी करेगा। यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे चरणबद्ध तरीके से शहर के सभी वार्डों में लागू किया जाएगा। महापौर ने कहा कि भविष्य में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के जरिए शिकायतों के निस्तारण की समय-सीमा को और कम करने का प्रयास किया जाएगा।
-जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र प्रक्रिया होगी तेज
बैठक में वरिष्ठ पार्षद हनुमान प्रसाद ने जन्म एवं मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही देरी का मुद्दा उठाया। इस पर कार्यकारिणी ने सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों को जन्म या मृत्यु की सूचना आठ घंटे के भीतर नगर निगम पोर्टल पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निजी अस्पतालों को माता-पिता का नाम, आधार कार्ड, फोटो सहित आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे, ताकि प्रमाणपत्र शीघ्र जारी किए जा सकें और लोगों को जोनल कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। हालांकि शहर के 150 से अधिक अस्पताल पहले से ही जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत हैं।
-25 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य
नगर निगम अधिनियम की धारा 91(2) के तहत आयोजित बैठक में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया। उपसभापति नरसिंह दास ने रिंग रोड, हाईवे, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बीएलडब्ल्यू तथा अन्य शिक्षण संस्थानों की खाली भूमि पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने हाईवे के किनारे प्रत्येक 100 मीटर पर नीम, पीपल, पाकड़ सहित छायादार एवं पारंपरिक प्रजातियों के पौधे लगाने का सुझाव दिया। कार्यकारिणी ने 15 जुलाई से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पूरे शहर में लगभग 25 हजार पौधे लगाने पर सहमति प्रदान की।
-पार्क और फल मंडी निर्माण में तेजी
वरिष्ठ पार्षद प्रवीण राय ने भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की खाली भूमि पर प्रस्तावित पार्क एवं फल मंडी का निर्माण दिसंबर तक पूरा कराने की मांग की। साथ ही शिवपुर में प्रस्तावित फल मंडी को अगले चार माह में पूरा करने का प्रस्ताव रखा। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शिवपुर फल मंडी की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी गई है और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
-छह माह में ऑनलाइन होगा 'पीला कार्ड'
कार्यकारिणी सदस्य अशोक मौर्य ने संपत्तियों के दाखिल-खारिज से संबंधित 'पीला कार्ड' सभी जोनों पर उपलब्ध कराने की मांग उठाई। नगर आयुक्त ने आश्वस्त किया कि अगले छह माह में यह व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन कर दी जाएगी, जिससे नागरिक घर बैठे ही 'पीला कार्ड' प्राप्त कर सकेंगे।
-मानसून के लिए बनेगा केंद्रीय कंट्रोल रूम
पार्षद राजकपूर चौधरी ने मानसून के दौरान आपात स्थितियों से निपटने के लिए नगर निगम मुख्यालय में 24 घंटे संचालित केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित करने का सुझाव दिया। इसमें सामान्य, प्रकाश एवं जलकल विभाग के अधिकारियों की शिफ्टवार तैनाती होगी तथा नागरिकों के लिए एकीकृत हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।
-छह कार्यकारिणी सदस्यों को दी गई विदाई
बैठक में दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले कार्यकारिणी के छह सदस्यों—उपसभापति नरसिंह दास, अमरदेव यादव, राजेश यादव 'चल्लू', प्रमोद राय, सुशील कुमार गुप्ता और हनुमान प्रसाद—को सदन की ओर से भावभीनी विदाई दी गई। महापौर, नगर आयुक्त और पार्षदों ने उनके जनहित एवं नगर विकास में दिए गए योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी