वाराणसी: शहर के 22 प्रभावित वार्डों में सीवर जाम व ओवरफ्लो की समस्याओं का होगा स्थाई समाधान
—बिछेगा सीवर और पेयजल लाइनों का जाल, महापौर व भाजपा कैंट विधायक ने किया भूमि पूजन —बंगाली टोला, जगमबाड़ी, बागहाड़ा, शिवाला और नगवां वार्डों में शुरू हुआ कार्य
वाराणसी, 14 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बुनियादी सुविधाओं से संतृप्त करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। नगर निगम क्षेत्र के अत्यधिक प्रभावित 22 वार्डों की सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नया स्वरूप देने की तैयारी है। इसी क्रम में अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत शहर में 2161 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 353.13 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन और 651.64 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाने का कार्य जल्द ही गति पकड़ेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने वाराणसी दौरे में रखी थी। इसी कड़ी में रविवार को शहर के पांच प्रमुख प्रभावित वार्डों में कार्य का विधिवत शुभारंभ कर दिया गया। महापौर अशोक कुमार तिवारी एवं कैंट क्षेत्र के भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में भूमि पूजन कर विकास कार्यों की शुरुआत की। उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) की देखरेख में इस कार्य को तेजी से पूरा किया जाएगा।
—एक साल की समस्या व 70 साल तक का समाधान
इस मौके पर आयोजित समारोह में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने क्षेत्र की जनता से सहयोग की अपील की। उन्होंने धरातलीय सच्चाई को सामने रखते हुए कहा कि सीवर व पानी की नई पाइप लाइन बिछाने के इस बड़े कार्य में लगभग एक साल का समय लग सकता है। इस अवधि के दौरान सड़कों पर गड्ढा खोदने और निर्माण कार्य चलने से नागरिकों को आवागमन में असुविधा और कष्ट का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन महापौर ने आश्वस्त करते हुए कहा कि यह एक साल की अस्थायी समस्या आने वाले 70-75 साल तक का स्थाई समाधान लेकर आ रही है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद काशीवासियों को अगले 70 वर्षों तक सीवर जाम और ओवरफ्लो की लाइलाज समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
—पांच वार्डों में 66.22 करोड़ से बदलेगी सूरत
पहले चरण में पांच अत्यधिक प्रभावित वार्डों में सीवर लाइन और गृह संयोजन (हाउस कनेक्शन) का काम शुरू किया गया है। 166.22 करोड़ रुपये की लागत से कुल 73.54 किमी लंबी सीवर लाइन बिछाई जाएगी और 15,748 घरों को सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इससे करीब 11,680 की आबादी सीधे तौर पर लाभान्वित होगी।
—वार्डवार कार्यों और लागत का विवरण
बंगाली टोला (वार्ड नं. 31): 22.15 करोड़ रुपये की लागत से 8.50 किमी सीवर लाइन व 2551 हाउस कनेक्शन।
जगमबाड़ी: 16.96 करोड़ रुपये की लागत से 6.54 किमी सीवर लाइन व 3441 हाउस कनेक्शन।
बागहाड़ा: 19.51 करोड़ रुपये की लागत से 7.50 किमी सीवर लाइन व 2338 हाउस कनेक्शन।
शिवाला: 48.52 करोड़ रुपये की लागत से 28.50 किमी सीवर लाइन व 3861 हाउस कनेक्शन।
नगवां: 59.08 करोड़ रुपये की लागत से 22.50 किमी सीवर लाइन व 3557 हाउस कनेक्शन।
—पार्षदों की मौजूदगी में हुआ भूमि पूजन
बंगाली टोला में पार्षद चंद्रनाथ मुखर्जी की उपस्थिति में राजश्री होटल के पास पांडे हवेली में कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद जगमबाड़ी में पार्षद विजय द्विवेदी, बागहाड़ा में पार्षद शमा परवीन, शिवाला में पार्षद राजेश यादव 'चल्लू' और शाम को नगवां में पार्षद माधुरी सिंह की मौजूदगी में क्रमशः तय स्थलों पर भूमि पूजन कर कार्य शुरू कराया गया। इस अवसर पर उपसभापति नरसिंह दास, राम गोपाल वर्मा, अमित सिंह चिंटू, नामित पार्षद संजीव चौरसिया, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनुराग शर्मा, अभिषेक बनर्जी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों, जल निगम के अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सोनकर आदि मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी