माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय ने छेड़ी नशे के खिलाफ मुहिम, परिसर में पकड़े जाने पर लगेगा 500 जुर्माना
- कुलपति के नेतृत्व में निकली जागरूकता रैली, गांवों तक पहुंचेगा अभियान
मीरजापुर, 01 अगस्त (हि.स.)। माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान शनिवार को शुरू किया है। अभियान के पहले चरण में विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया गया है।
कुलपति प्रो. शोभा गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में पोस्टर और बैनर के साथ जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के गांवों में लोगों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के दौरान नशा करने वाले लोगों को समझाने और परामर्श देने का भी प्रयास किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता के बावजूद यदि कोई व्यक्ति विश्वविद्यालय परिसर में नशे का सेवन करते हुए सीसीटीवी कैमरों में पकड़ा गया तो उसके विरुद्ध विश्वविद्यालय के नियमों के तहत 500 रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और समाज के लिए स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त वातावरण तैयार करना भी है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों से इस अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा तथा विश्वविद्यालय परिसर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य सहभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा