जनेऊ संस्कार में गूंजा सनातन संदेश, 251 बच्चों ने धारण किया ज्ञान का सूत्र
मीरजापुर, 20 अप्रैल (हि.स.)। मां विंध्यवासिनी धाम में सोमवार को आस्था और संस्कारों का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब 251 बच्चों का भव्य उपनयन (जनेऊ) संस्कार संपन्न हुआ। इस अवसर पर किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर प्रो. (डॉ.) स्वामी लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी महाराज ने सनातन परंपरा के महत्व को विस्तार से बताया।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि संस्कारों से परिपूर्ण जीवन पद्धति है, जिसे आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग अपना रहे हैं। इससे व्यक्ति को मानसिक शांति के साथ सर्वांगीण विकास का मार्ग मिलता है।
आचार्य ने बताया कि सनातन धर्म में 16 प्रमुख संस्कार हैं, जो जन्म से लेकर जीवन के अंतिम चरण तक मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों और युवाओं के माध्यम से ही ये परंपराएं घर-घर तक पहुंचेंगी।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को संस्कारों का महत्व जरूर बताएं। साथ ही बताया कि ऐसे उपनयन संस्कार माघ मेला, त्र्यंबकेश्वर, हरिद्वार, उज्जैन और प्रयागराज में भी आयोजित किए जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा