हिंदू सम्मेलन में वक्ताओं की चेतावनी-संगठित और सशक्त नहीं रहे तो अल्पसंख्यक हो जाएंगे
- भारत माता की आरती के साथ हुआ भव्य हिंदू सम्मेलन
मीरजापुर, 01 जनवरी (हि.स.)। जिगना क्षेत्र के नदिनी गांव में गुरुवार को भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हिंदू सम्मेलन का शुभारम्भ हुआ। सम्मेलन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और हिंदू समाज के लोगों की सहभागिता रही।
मुख्य वक्ता अर्जुनपुर हनुमान मंदिर के महंत अवधेश दास महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति सर्वोत्तम है, जिसमें सम्पूर्ण संसार के संचालन का भाव अंतर्निहित है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति मानवता, समरसता और सद्भाव का मार्ग दिखाती है, जिसे अपनाकर समाज और राष्ट्र सशक्त बन सकता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विंध्याचल विभाग के संचालक आत्रेय दत्त ने देश के विभाजन के समय की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान में उस समय लगभग 15 प्रतिशत हिंदू आबादी थी, जो आज घटकर मात्र डेढ़ प्रतिशत रह गई है। इसी प्रकार पूर्वी पाकिस्तान, वर्तमान बांग्लादेश में भी हिंदुओं के साथ दमनकारी व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने आगाह किया कि यदि हिंदू समाज संगठित और सशक्त नहीं रहा तो आने वाले समय में देश के कई जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने संघ द्वारा चलाए जा रहे पंच परिवर्तन महाअभियान की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेम शंकर ने की। कार्यक्रम का समापन भारत माता की सामूहिक आरती के साथ हुआ। सम्मेलन को सफल बनाने में संयोजक अमित त्रिपाठी सहित सच्चिदानंद, अशोक शुक्ल, शशिकांत, विजय, हनुमान, अमर बहादुर, शारदा, सुनीता, सुधाकर, रवि और दिलीप का विशेष योगदान रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा