फिराेजाबाद जिले की महिला तहसीलदार ने जिलाधिकारी पर लगाए गंभीर आराेप
तहसीलदार ने मुख्यमंत्री से जिलाधिकारी काे हटाने की मांग की
फिरोजाबाद, 17 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले की टूंडला तहसीलदार ने जिलाधिकारी पर शोषण, प्रताड़ना व भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें हटाने की मांग की है।
जिले की टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा ने गुरुवार देर रात एक पत्रकार वार्ता की, जिसमें उन्होंने जिलाधिकारी रमेश रंजन पर कई गंभीर आरोप लगाए। उनका आरोप है कि जिलाधिकारी और उनके ओएसडी भ्रष्टाचार के खेल में संलिप्त हैं। उन्हीं के माध्यम से सारे नियम व कानूनों को ताक पर रख दिया गया है। उन्हाेंने कहा कि भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच मेरे पास आई थी, जिसमें निगेटिव रिपोर्ट लगाने के लिए मुझ पर अनैतिक दबाव बनाया गया। मेरा वेतन रोका गया। मेरी बैंड एंट्री की गई। जब मैने वेतन रोके जाने के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण ली तो रात में ट्रेज़री खुलवाकर मेरा वेतन भेजा गया। रेखा शर्मा का आराप है कि उच्च न्यायालय में झूठा एफिडेविट दाखिल किया गया। मेरे न्यायिक कार्यों पर अनैतिक जांच बैठाई जाती है। मुझसे अनलीगल डिमांड की गई। मुझे प्रताड़ित किया गया। तहसीलदार राखी शर्मा ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के ओएसडी शैलेंद्र शर्मा का काम जिले के सारे अधिकारियों से उगाही करना और उसे जिलाधिकारी तक पहुंचाना है। तहसीलदार का आरोप है कि स्वयं उन्होंने 4 नवंबर को एक लाख, 75 हजार का मोबाइल दिया है। जिसके सारे सबूत मेरे पास है। यह जांच का विषय है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि जिले के किसी भी अधिकारी को छुट्टी भी जिलाधिकारी कार्यालय से ही स्वीकृत की जाती है, जिससे सभी अधिकारियों को वहां बुलाया जा सके और उन पर अनैतिक दबाव बनाया जा सकें। तहसीलदार राखी शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले की जांच कराने और जिलाधिकारी रमेश रंजन को हटाने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / कौशल राठौड़