मुख्यमंत्री योगी से ताज ट्रेपेजियम जोन में पर्यावरण निगरानी की सिफारिश
आगरा, 07 मार्च (हि.स.)। फुटवियर एवं चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन चंद डावर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ताज ट्रेपेजियम जोन (आईटीजेड) में तकनीक आधारित पर्यावरणीय निगरानी प्रणाली लागू करने का औपचारिक प्रस्ताव सौंपा है।
डावर ने बताया कि लगभग 10,000 वर्ग किलोमीटर में फैले इस क्षेत्र में वर्षों से औद्योगिक प्रतिबंधों के कारण आर्थिक गतिविधियां पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पर्यावरण सुरक्षा और औद्योगिक विकास दोनों को संतुलित किया जा सकता है।
इकाइयों को रियल-टाइम सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ें
डावर ने प्रतिवेदन में औद्योगिक इकाइयों के लिए निम्न उपाय सुझाए हैं। कहा है कि सभी इकाइयों में एयर पॉल्यूशन मीटर और लिक्विड डिस्चार्ज मीटर अनिवार्य किए जाएं। इकाइयों को रियल-टाइम सेंट्रल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाए। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा डिजिटल निगरानी और अलर्ट प्रणाली संचालित की जाए। डावर ने कहा कि इस तकनीक आधारित निगरानी से सर्वोच्च न्यायालय को यह आश्वस्त किया जा सकेगा कि प्रदेश में पर्यावरण नियंत्रण पारदर्शी, प्रभावी और रियल-टाइम है।
निवेश और रोजगार की संभावनाएं
टीआइजेड क्षेत्र की वर्तमान अनिश्चितता इसे निवेश और रोजगार सृजन के अवसरों से वंचित कर रही है। डावर ने कहा कि यदि संतुलित और व्यावहारिक समाधान लागू होता है तो यह उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अहम योगदान देगा। प्रतिवेदन में वरिष्ठ अधिकारियों से त्वरित और व्यावहारिक पहल करने का आग्रह किया गया है, ताकि ताज ज़ोन की औद्योगिक क्षमता पूरी तरह उजागर हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश