जौनपुर : 75 फीट का रावण का पुतला बनाकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा सुब्बन खां का परिवार
जौनपुर, 19 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की शाहगंज तहसील के भादी ग्रामसभा निवासी सुब्बन खां का परिवार दशकों से अपनी कला के जरिए हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश कर रहा है। परिवार की तीन पीढ़ियां दशहरे पर रावण का पुतला बनाने की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। इस वर्ष भी 65 वर्षीय सुब्बन खां 75 फीट ऊंचे रावण के पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
सुब्बन खां के अनुसार, उनके परिवार में रावण का पुतला बनाने की परंपरा उनके दादा ने शुरू की थी। इसके बाद उनके पिता ने इस काम को आगे बढ़ाया और अब वह पारिवारिक विरासत को संभाल रहे हैं। उनके लिए यह काम केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी सांस्कृतिक परंपरा को जीवित रखने का जरिया भी है।
बांस और पुआल से तैयार हो रहा विशाल पुतला
75 फीट ऊंचे रावण के पुतले को तैयार करने में बांस, खप्पची और पुआल सहित अन्य सामग्रियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुतला निर्माण का काम 12 अक्टूबर से चल रहा है, जिसे 19 अक्टूबर की रात तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। विशाल पुतले को आकार देने में सुब्बन खां का वर्षों का अनुभव और उनकी कारीगरी काम आ रही है।
भरत मिलाप की लागों को भी दे चुके हैं आकार
सुब्बन खां की कला दशहरे पर रावण का पुतला बनाने तक सीमित नहीं है। वह शाहगंज के ऐतिहासिक भरत मिलाप में निकलने वाली लागों का भी निर्माण कर चुके हैं। उनकी बनाई लागों को पुरस्कार भी मिल चुके हैं। स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी कारीगरी की अहम भूमिका रही है। सुब्बन खां का परिवार अपनी कला और परंपरा के जरिए यह संदेश दे रहा है कि त्योहार और सांस्कृतिक विरासत आपसी सद्भाव के सूत्र में लोगों को जोड़ते हैं। तीन पीढ़ियों से दशहरे के लिए रावण का पुतला तैयार कर रहा यह परिवार शाहगंज की साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब की एक अनूठी तस्वीर पेश कर रहा है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव