छात्रों को बनाया टीबी जागरूकता का दूत

 


- लालगंज सीएचसी में प्रशिक्षण, गांव-गांव पहुंचकर टीबी के लक्षण और बचाव बताने की अपील

मीरजापुर, 10 अगस्त (हि.स.)। टीबी को लेकर लोगों में फैली झिझक और डर दूर करने के लिए अब छात्र भी जागरूकता की मुहिम में भागीदार बनेंगे। सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में बापू उपरौध इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी देकर जागरूकता अभियान के लिए प्रशिक्षित किया गया।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पटेल की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि टीबी गंभीर बीमारी जरूर है, लेकिन लाइलाज नहीं है। समय पर जांच और पूरा उपचार मिलने पर मरीज स्वस्थ हो सकता है। इसलिए लक्षण दिखने पर बीमारी छिपाने के बजाय तत्काल सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की सलाह दी गई।

डॉ. कैलाश कुमार बिंद ने छात्रों को टीबी के प्रमुख लक्षणों की जानकारी दी। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि किसी व्यक्ति में टीबी जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे लालगंज स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सहयोग करें। मरीज के साथ अपनत्व का व्यवहार करने से उसका डर और निराशा दूर होगी।

उन्होंने छात्रों से टीबी चैंपियन बनकर अपने क्षेत्र में जागरूकता फैलाने की अपील की। पांच टीबी चैंपियन और पांच ‘माई भारत’ स्वयंसेवकों को तैयार कर गांव-गांव लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य बताया गया। कार्यक्रम में डॉ. संजय सिंह, डॉ. मनिंदर सिंह, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अशोक यादव, डॉ. योगेश दुबे समेत स्वास्थ्यकर्मी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा