गुरुकुल में दाखिले के आठवें दिन ही छात्र की संदिग्ध मौत, परिजनों ने हत्या का लगाया आरोप

 


कानपुर, 23 (अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक गुरुकुल में दाखिला लेने के आठवें दिन ही कानपुर निवासी छात्र की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई। परिजनों ने छात्र का शव घर से कुछ दूरी पर छोड़कर जाने का आरोप लगाया है। बच्चे के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले हैं। परिजनों ने इसे सीधा हत्या का मामला बताया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। हालांकि उप्र विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय दिलाने का आश्वास दिया है।

महाराजपुर थाना क्षेत्र निवासी नरेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली थी कि गुरुकुल में निःशुल्क वैदिक शिक्षा दी जाति है। 15 अप्रैल को अपने बेटे दिव्यांश का लखनऊ के आलमनगर स्थित एक गुरुकुल में दाखिला कराया था। परिवार के मुताबिक शुरुआत में सब सामान्य था और रोज फोन पर बातचीत भी होती थी।

वहीं बुधवार को अचानक सूचना मिली कि बच्चा सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गया है। परिवार लखनऊ जाने की तैयारी ही कर रहा था कि कुछ देर बाद गुरुकुल संचालक कार से बच्चे का शव लेकर गांव पहुंचे और घर से कुछ दूरी पर छोड़कर चले गए। इस घटनाक्रम ने पूरे मामले को संदेहास्पद बना दिया।

परिजनों का आरोप है कि शव पर 40 से अधिक चोटों के निशान थे। कई जगह जलने जैसे दाग भी मिले, जिससे प्रताड़ना की आशंका और गहरी हो गई। परिवार का कहना है कि बच्चे के हाथ-पैर बांधकर उसे यातनाएं दी गईं। पहले तो परिजनों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।बाद में अंतिम संस्कार किया।

मृतक के चाचा जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि चोटों की स्थिति देखकर साफ लग रहा है कि बच्चे के साथ बर्बरता की गई। वहीं बहन दीपिका के अनुसार, घटना से एक दिन पहले तक बातचीत में दिव्यांश ने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि स्थिति नियंत्रित रहे।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गुरुवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि घटना बेहद गंभीर है और दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए और मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।

कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने गांव पहुंचकर परिवार से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

परिवार की मांग है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाए, आर्थिक सहायता दी जाए और सरकारी स्तर पर मदद उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की परतें खोलने में जुटी है।

एडीसीपी पूर्वी अंजलि विश्वकर्मा ने गुरुवार को बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। एक टीम को लखनऊ स्थित गुरुकुल भेजा गया है जो हर पहलू की जांच कर रही है। इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप