शिव विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, रामकथा में गूंजा भक्ति और संस्कृति का संदेश

 


मीरजापुर, 03 जून (हि.स.)। जिगना क्षेत्र के पटेहरा गांव स्थित श्रीराम-जानकी हनुमान मंदिर में चल रही संगीतमय रामकथा के दौरान बुधवार को भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या की प्रसिद्ध कथा वाचिका साध्वी शांति श्रेया और वाराणसी की मानस कोकिला कुमकुम पांडेय ने शिव-विवाह प्रसंग का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

कथा के दौरान कुमकुम पांडेय ने कहा कि माता पार्वती ने कठोर तप, साधना और अटूट समर्पण के बल पर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि सच्ची श्रद्धा, धैर्य और संकल्प से असंभव लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं। शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का वर्णन सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में डूब गए।

वहीं साध्वी शांति श्रेया ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि चरित्रवान व्यक्तित्व की पूजा युगों-युगों तक होती है। त्रेतायुग में स्थापित भगवान राम के आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा हैं और कलियुग के अंत तक उनका गुणगान होता रहेगा।

उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का मूल मंत्र है। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में प्रेम, मर्यादा और सद्भाव की स्थापना की जा सकती है।

कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। पूरा वातावरण राम नाम के जयघोष और भजनों से भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर यज्ञाचार्य डॉ. बृजेश द्विवेदी, यजमान चिंतामणि पाठक, मंदिर के पुजारी श्यामाचरण महाराज, राजेंद्र प्रसाद पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा