कृष्ण जन्म की कथा में भक्ति रस से सराबोर हुए श्रद्धालु

 


मीरजापुर, 23 मार्च (हि.स.)। ड्रमंडगंज क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सोमवार को श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। अंबेडकर नगर से पधारे कथावाचक पंडित विजय कुमार शास्त्री ने भगवान कृष्ण के जन्म और बाल लीलाओं का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि पूरा पंडाल “हरे कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा।

कथावाचक ने बताया कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और आसुरी शक्तियों का अत्याचार बढ़ता है, तब भगवान स्वयं अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने वासुदेव और देवकी के पुत्र के रूप में जन्म लेकर अत्याचारियों का अंत किया और धर्म की रक्षा की। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने से मनुष्य के दु:ख दूर होते हैं और वह भवसागर से पार हो जाता है। जो भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, वह कभी संकट में नहीं पड़ता, भगवान स्वयं उसकी रक्षा करते हैं, यह संदेश सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे।

कथा के समापन पर श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती उतारी गई और प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान सुमंत दुबे, कथा यजमान कमलेश्वर दुबे, सुरेंद्र बहादुर सिंह, राधेश्याम तिवारी, नर्वदा प्रसाद मिश्र, तेजबली दुबे, दिवाकर शुक्ल, सत्येंद्र दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा