विदेश नहीं, देश की सेवा का सपना, आईआईटी में सफलता के बाद श्रेयांस का संकल्प

 


मीरजापुर, 01 जून (हि.स.)। मेहनत, लगन और बड़े सपनों के दम पर जिगना क्षेत्र के एक ग्रामीण छात्र ने ऐसी सफलता हासिल की है, जिस पर पूरा मीरजापुर गर्व कर रहा है। बिरौरा गांव निवासी श्रेयांस पांडेय ने देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शुमार जेईई एडवांस्ड (IIT) में ऑल इंडिया रैंक 2008 प्राप्त कर गांव, क्षेत्र और जिले का नाम रोशन कर दिया है। जैसे ही श्रेयांस की सफलता की खबर गांव में पहुंची, बधाई देने वालों का तांता लग गया। घर पर उत्सव जैसा माहौल है। माता-पिता आने वाले शुभचिंतकों का मुंह मीठा कराकर खुशियां साझा कर रहे हैं।

श्रेयांस की सफलता इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि उनका परिवार शिक्षा और समाज सेवा से जुड़ा हुआ है। उनकी मां नीता देवी गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, जबकि पिता अमरेश पांडेय रैपुरी स्थित कंपोजिट विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। साधारण ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े श्रेयांस ने अपनी प्रतिभा और अथक परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है।

श्रेयांस ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई लालापुर बदेवरा स्थित एमटीएस पब्लिक स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने एक वर्ष तक ऑनलाइन अकादमिक कोचिंग के माध्यम से जेईई एडवांस की तैयारी की और शानदार सफलता अर्जित की। उनकी लगातार उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।

अपनी सफलता पर श्रेयांस ने इसका श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना एक कुशल इंजीनियर बनकर देश के विकास और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका लक्ष्य केवल नौकरी पाना नहीं, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल से देश की सेवा करना है। श्रेयांस ने किसी भी बड़े पैकेज के लिए विदेश न जाने और भारत में रहकर कार्य करने का संकल्प भी व्यक्त किया।

श्रेयांस की उपलब्धि पर एमटीएस पब्लिक स्कूल की प्रबंधक निशा द्विवेदी, प्रधानाचार्य रजनीश पांडेय, शैलेंद्र, संतोष उर्फ सोनू दुबे तथा विजयधर दुबे सहित क्षेत्र के अनेक शिक्षकों और गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने वाले श्रेयांस आज उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा