मीरजापुरः श्रीनिवास धाम की रामलीला में गूंजा राम जन्म का उल्लास, नारद मोह लीला का मंचन
- नारद मोह प्रसंग ने दर्शकों को किया भावविभोर, अयोध्या में चारों राजकुमारों के जन्म पर छाया उल्लास
मीरजापुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के जिगना क्षेत्र के श्रीनिवास धाम में श्री मौनी स्वामी प्रशासनिक रामलीला समिति की ओर से रविवार देर रात राम जन्म और ताड़का वध की लीला का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम सहित चारों राजकुमारों के जन्म पर अयोध्या में उत्सव का माहौल और देवताओं की ओर से पुष्पवर्षा के प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। वहीं, नारद मोह की लीला के माध्यम से अहंकार और मोह-माया के प्रभाव को दर्शाया गया।
मंचन के दौरान राजा दशरथ और रानी कौशल्या के घर भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम के जन्म का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। अयोध्या में एक साथ चार राजकुमारों के जन्म से हर्षोल्लास छा गया। देवताओं ने आकाश से पुष्पवर्षा कर प्रभु के अवतरण का स्वागत किया।
इसके बाद नारद मोह की लीला का मंचन हुआ। देवलोक में विचरण करते हुए नारद मुनि को अपनी तपस्या पर अहंकार हो गया। भगवान विष्णु ने उन्हें मोह-माया से दूर रहने की सलाह दी, लेकिन माया नगरी में विश्वमोहिनी के रूप-सौंदर्य को देखकर नारद मोहित हो गए। विश्वमोहिनी के स्वयंवर में सुंदर रूप पाने की इच्छा से उन्होंने भगवान विष्णु से अपने मुख को उनके समान बनाने का आग्रह किया। भगवान ने उन्हें वैसा ही होने का आश्वासन दिया।
स्वयंवर में नारद मुनि का मुख वानर जैसा दिखाई देने पर उनका उपहास किया गया। अंततः विश्वमोहिनी ने भगवान विष्णु के गले में वरमाला डाल दी। इससे अपमानित नारद ने भगवान विष्णु को पत्नी-वियोग में भटकने का श्राप दे दिया। इस प्रसंग के माध्यम से कलाकारों ने दर्शाया कि अहंकार और मोह व्यक्ति के विवेक को प्रभावित कर सकते हैं। रामलीला समिति की ओर से थाना प्रभारी संजय सिंह और राजस्व निरीक्षक विजय कुमार उपस्थित रहे। व्यास गद्दी से विनय दुबे ने मंच संचालन किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा