सचेण्डी गैंगरेप कांड: निलंबित चाैकी इंचार्ज अमित का पत्र वायरल, खुद को बताया निर्दोष

 


कानपुर, 12 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के सचेण्डी थाना क्षेत्र में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में फरार निलंबित चौकी इंचार्ज अमित मौर्य ने खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई हैं। चाैकी इंचार्ज का लिखा हुआ पत्र सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से सार्वजिनक हाे रहा है।

सचेण्डी में नाबालिग बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में रोज नए-नए खुलासे और उससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसी क्रम में साेमवार काे एक बार फिर सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हुआ है।यह पत्र घटना में आराेपित बनाए गए निलंबित फरार चल रहे चाैकी इंचार्ज अमित मौर्य का है, जिसमें उसने खुद को निर्दोष बताया हैं। पत्र के वायरल होते ही आला अधिकारी भी हरकत में आ गए। क्योंकि घटना के छह दिन बीत जाने के बाद भी वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जबकि इस मामले में दूसरा आरोपित यूट्यूबर पहले ही जेल जा चुका है।

सोशल मीडिया पर वायरल पत्र को लेकर संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष कुमार ने कहा कि यदि चाैकी इंचार्ज बेकसूर हैं तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से आत्मसमर्पण कर अपनी बात को अधिकारियों के समक्ष रखना होगा। इस तरह से भागना और छुपना यह दर्शाता है कि वह गुनहगार हैं, क्योंकि उन्हें लगातार पुलिस टीमें तलाश रहीं हैं। यदि उन्होंने जल्द ही सरेंडर नहीं किया तो उनके खिलाफ कोर्ट के जरिए कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि रविवार को दो मिनट आठ सैकेंड और दो मिनट 42 सेकंड के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसमें आरोपित चाैकी इंचार्ज और दूसरा आरोपित यूट्यूबर शिवबरन दिखाई दे रहे हैं, जो बालिका से खुद पूछताछ कर रहे थे। बालिका ने शिवबरन यादव को तो पहचान लिया, लेकिन चाैकी इंचार्ज को नहीं पहचाना यह भी एक चर्चा का विषय बना हुआ है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप