आरटीई अधिनियम के प्रथम उल्लंघन पर 25 हजार एवं पुनरावृत्ति पर 50 हजार तक का दण्ड
वाराणसी, 11 अप्रैल(हि. स.)। वाराणसी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अंतर्गत सत्र 2026-27 हेतु निजी विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित की जा चुकी है। यदि किसी कारणवश किसी बच्चे को प्रवेश नहीं दिया जाता है, किसी भी विद्यालय द्वारा प्रवेश से इंकार करना, किसी प्रकार का शुल्क मांगना, अप्रासंगिक दस्तावेजों की मांग करना अथवा अभिभावकों को किसी भी प्रकार से परेशान करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।
उन्हाेंने कहा कि, आरटीई अधिनियम की धारा 13 के अनुसार, प्रवेश के समय किसी भी प्रकार की कैपिटेशन फीस लेना एवं बच्चों व अभिभावकों को स्क्रीनिंग प्रक्रिया के अधीन करना दण्डनीय अपराध है। ऐसे मामलों में विद्यालय प्रबंधन को दोषी पाए जाने पर ली गई फीस का दस गुना तक जुर्माना तथा स्क्रीनिंग के मामले में प्रथम उल्लंघन पर 25 हजार एवं पुनरावृत्ति पर 50 हजार तक का दण्ड अधिरोपित किया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि जिन बच्चों का प्रवेश लिया जाता है, उनका विवरण गूगल शीट पर फीड किया जाना सुनिश्चित किया जाए, जिसका सत्यापन खंड शिक्षा अधिकारी एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा। अतः जनपद के समस्त सम्बंधित विद्यालयों को निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्त निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें, जिससे प्रत्येक पात्र बच्चे को उसका अधिकार प्राप्त हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद