ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए जाति, वर्ग या ऊंच-नीच का कोई महत्व नहीं : रवीन्द्र शंकर जोशी

 


वाराणसी, 12 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में शिरगोवर्धन क्षेत्र अंतर्गत गुरु रविदास की जन्मस्थली पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गतिविधि कुटुंब प्रबोधन की तीन दिवसीय बैठक का समापन रविवार को हुआ।

इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कुटुंब प्रबोधन संयोजक रवीन्द्र शंकर जोशी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास सामाजिक समरसता के मूर्तिमान स्वरूप थे। गुरु रविदास का संदेश हरि का भजे सो हरि का होय इस बात को स्पष्ट करता है कि ईश्वर की कृपा प्राप्त करने के लिए जाति, वर्ग या ऊंच-नीच का कोई महत्व नहीं है। जो व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर का भजन करता है, वह ईश्वर का प्रिय बन जाता है और सभी मनुष्य समान रूप से उनकी कृपा के अधिकारी हैं।

उल्लेखनीय है कि कुटुंब प्रबोधन की तीन दिवसीय बैठक में चार प्रांतों काशी, गोरक्ष, कानपुर और अवध के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसमें मातृशक्ति इकाई से जुड़ी काशी प्रांत की पदाधिकारियों ने बैठक को सुचारू चलाने में अहम योगदान दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद