संघ एक शताब्दी से राष्ट्र सेवा में है समर्पित : कृष्ण कुमार
-सकल हिंदू समाज के तत्वावधान में हिंदू सम्मेलन एवं समरसता भोज का आयोजन संपन्न
-अपने धर्म के लिए बलिदान होना सहर्ष स्वीकार–विष्णु देवाचार्य
बहराइच, 18 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज माधवपुरी में सकल हिंदू समाज के तत्वधान में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता एवं विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार ने संघ की गौरवशाली यात्रा का वर्णन करते हुए बताया कि संघ एक शताब्दी से राष्ट्र की सेवा में समर्पित है।
उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक समाज के सभी क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय रहकर मां भारती का यशोगान कर रहे हैं। उन्होंने वर्तमान समय की आवश्यकता को देखते हुए समाज से 'पंच परिवर्तन' के संकल्पों को आत्मसात करने का आवाह्न किया। उन्होंने कहा सामाजिक समरसता से संपूर्ण हिंदू समाज को जातिगत भेदभाव से मुक्त होकर एक सूत्र में बंधना होगा। कुटुंब प्रबोधन को अपनाकर परिवार ही संस्कार की पहली पाठशाला है, इसे पुनः जागृत करना होगा। पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से जल, पृथ्वी और वृक्षों की रक्षा करना हमारा आध्यात्मिक उत्तरदायित्व है। स्वदेशी व नागरिक कर्तव्य का पालन कर आत्मनिर्भरता हेतु स्वदेशी का उपयोग करें और राष्ट्र के प्रति अपने उत्तरदायित्वों को सर्वोपरि रखें।
अनंत श्री विभूषित ब्रह्मर्षि स्वामी श्री विष्णुदेवाचार्य जी महाराज ने सनातन संस्कृति की 'अपौरुषेय' शक्ति का उल्लेख करते हुए समाज में नई चेतना का संचार किया। उन्होंने अत्यंत गंभीर विषयों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपने धर्म के लिए बलिदान होना सहर्ष स्वीकार है किंतु किसी भी परिस्थिति में परधर्म का अवलंबन स्वीकार नहीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर हमारा स्वाभिमान है इस स्वाभिमान को प्राप्त करने के लिए लाखों लोगों ने अपने जीवन को बाली विधि पर अर्पित कर दिया है। उन्होंने कहा कि हिन्दू परिवारों को गौ पालन करना चाहिए क्योंकि गौ संरक्षण के बिना हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना साकार नहीं होगी।
ब्रह्माकुमारी बहराइच की प्रमुख साधना दीदी ने संघ के महान कार्यों को 'ईश्वरीय कार्य' की संज्ञा देते हुए कहा कि जिस प्रकार ईश्वर मानवता के कल्याण की योजना बनाता है, संघ के स्वयंसेवक उसी सेवा को धरातल पर क्रियान्वित कर रहे हैं। मेजर डॉ. एस.पी. सिंह ने बल दिया कि जब तक हिंदू समाज संगठित और स्वाभिमानी है, तब तक भारत की सीमाएं और संस्कृति सुरक्षित हैं।
सम्मेलन के पश्चात आयोजित समरसता सहभोज में अद्भुत दृश्य देखने को मिला, कार्यक्रम में आए बंधुओं और भगिनियों ने एकसाथ सहभोज किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र रक्षा के सामूहिक संकल्प और भारत माता की जय के गगनभेदी जयघोष के साथ हुआ।
कार्यक्रम का संचालन अखिलेश श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में नगर संघचालक डॉ गोविंद शेखर, जिला कार्यवाह भूपेंद्र , जिला प्रचारक अजय, विभाग संपर्क धर्मेंद्र, विभाग प्रचारक प्रमुख अतुल गौड़, जिला सह संपर्क प्रमुख अमर सिंह, विजय बहादुर, ओम प्रकाश, राजेन्द्र प्रसाद, यमुना प्रकाश, मनीष, अभिषेक, उत्तम, विपिन, इंद्रेश सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह