निःशुल्क चिकित्सा से वंचित सेवानिवृत्त शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

 


जौनपुर, 25 मार्च (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के बैनर तले बुधवार को सैकड़ों पेंशनर्स ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान पेंशनर्स ने केंद्र सरकार के एक वित्त अधिनियम पर भी चिंता व्यक्त की।

समिति के जिला संरक्षक सत्यदेव सिंह और जिला संयाेजक उमा शंकर मिश्र ने कहा कि प्रस्तावित अधिनियम पेंशनभोगियों का वर्गीकरण कर उनके बीच भेदभाव पैदा करेगा। आरोप है कि इसे बिना पूर्व सूचना के वित्त विधेयक के रूप में लोकसभा में पेश कर जल्दबाजी में पारित किया गया। यदि यह लागू हुआ तो पेंशनभोगियों की पात्रता उनकी सेवानिवृत्ति तिथि के आधार पर तय होगी, जिससे पुराने पेंशनरों को वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ नहीं मिल सकेगा। समिति ने कहा कि इससे पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान होगा, खासकर बढ़ती महंगाई के दौर में यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। विभिन्न पेंशनर संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए इसे वापस लेने की मांग की है।

इसी बीच उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त प्राथमिक शिक्षकों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उनका कहना है कि 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, लेकिन जारी शासनादेश में उन्हें शामिल नहीं किया गया। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने बताया कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारियों की तरह इस सुविधा की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें इसका लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उन्हें भी योजना में शामिल कर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव