गोमाता को पशु सूची से अलग करे योगी सरकार, राष्ट्रमाता का दें दर्जा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
- तर्क दिया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-48 में गोवंश संरक्षण का है विशेष उल्लेख
- उत्तर प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों में 81 दिन की गविष्ठि यात्रा का समापन
लखनऊ, 22 जुलाई (हि.स.)। 81 दिवसीय गविष्ठि (गोरक्षार्थ-धर्मयुद्ध) यात्रा के समापन के बाद ज्योतिर्मठ बदरिकाश्रम हिमालय तोटकाचार्य गुफा, जोशीमठ (उत्तराखंड) के स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजा है। इसमें गोमाता को पशु सूची से अलग कर राज्यमाता व राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए विधानसभा में प्रस्ताव लाने और केंद्र सरकार को संस्तुति भेजने की मांग की है।
शंकराचार्य ने कहा कि 3 मई को गोरखपुर से शुरू हुई 81 दिन की यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया गया। यात्रा में 14,630 किलोमीटर की दूरी तय की गई, 2,403 जनसभाएं आयोजित हुईं और 18 लाख से अधिक लोगों से प्रत्यक्ष संवाद किया गया। साथ ही सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया माध्यमों के जरिए करीब 27 करोड़ लोगों तक अभियान पहुंचने का दावा भी किया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यात्रा के दौरान प्रदेशभर से एक स्वर में गोमाता को पशु की श्रेणी से हटाकर 'माता' का दर्जा देने की मांग सामने आई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने तर्क दिया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद-48 में गोवंश संरक्षण का विशेष उल्लेख है, इसलिए उत्तर प्रदेश को इस दिशा में पहल करते हुए गोमाता को विशेष दर्जा देना चाहिए।
शंकराचार्य ने यह भी कहा कि अभियान को विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों के साथ-साथ मुस्लिम समुदाय के कई प्रतिनिधियों और संगठनों का भी समर्थन मिला। मुस्लिम समुदाय की ओर से 81 समर्थन पत्र और ज्ञापन प्राप्त हुए। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यात्रा के दौरान कई स्थानों पर आयोजकों पर सरकारी दबाव बनाया गया, कार्यक्रम रद्द कराने का प्रयास हुआ और लोगों को डराने-धमकाने की घटनाएं भी सामने आईं।
पत्र के अंत में शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री से आगामी विधानसभा सत्र में गोमाता को 'राज्यमाता' का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव लाने का आग्रह किया है। साथ ही यह भी लिखा है कि यात्रा के दौरान अनेक लोगों ने यह संकल्प व्यक्त किया कि यदि यह मांग पूरी नहीं हुई तो वे आगामी चुनाव में वर्तमान सरकार या पार्टी को वोट नहीं देंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश