नवरात्र के पहले दिन उमड़ा आस्था का सैलाब, मां विंध्यवासिनी दरबार में रिकॉर्ड भीड़

 






- चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया दर्शन-पूजन

मीरजापुर, 19 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन गुरूवार को मां विंध्यवासिनी दरबार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। लगभग चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन-पूजन किया। भोर तीन बजे से ही पूरे मेला क्षेत्र में “जय मां विंध्यवासिनी” के जयघोष गूंजने लगे और सभी प्रमुख मार्ग श्रद्धालुओं की भीड़ से पटे रहे।

मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्त नारियल, चुनरी, फूल-माला और प्रसाद लेकर लम्बी कतारों में खड़े होकर मां के दर्शन के लिए आतुर दिखे। गंगा घाटों पर भी स्नानार्थियों की भारी भीड़ रही। त्रिशक्ति पथ, त्रिदेव पथ, विंध्य पथ, गंगा पथ और गणेश पथ सहित सभी मार्गों पर सैकड़ों मीटर लंबी कतारें सुबह से शाम तक लगी रहीं।

मेला की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, एडीएम अजय कुमार सिंह, एएसपी नितेश सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार और सीओ सिटी विवेक जावला सहित जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार निगरानी करते रहे। हालांकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण छाया और अन्य व्यवस्थाएं कई जगह नाकाफी साबित हुईं, जिससे लोगों को धूप में खड़ा रहना पड़ा।

दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां कालीखोह और मां अष्टभुजा के भी दर्शन किए तथा त्रिकोण परिक्रमा की। मेला क्षेत्र के सभी वाहन स्टैंड वाहनों से भरे रहे, जबकि यातायात व्यवस्था कुल मिलाकर संतोषजनक रही। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी और मंत्री भानू पाठक अपनी टीम के साथ दर्शन व्यवस्था में प्रशासन का सहयोग करते दिखे।

--श्रृंगार में देरी से बढ़ी श्रद्धालुओं की परेशानी

नवरात्र के पहले दिन श्रृंगार पूजन में तय समय से अधिक समय लगने के कारण श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मध्यान आरती के बाद मंदिर का कपाट निर्धारित समय से 24 मिनट देरी से, दोपहर 1:24 बजे खोला गया। बताया गया कि मंदिर निर्धारित समय से लगभग 15 मिनट देरी से बंद हुआ था, जिसके कारण खुलने में भी विलम्ब हुआ।

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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा