श्री रामकथा में लंका कांड का भावपूर्ण वर्णन सुन श्रोता हुए भावविभोर
औरैया, 22 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद के अजीतमल तहसील क्षेत्र स्थित जैनपुर नहर पटरी पर बने शिवधाम ऋषि आश्रम में आयोजित श्री रामकथा के सातवें दिन रविवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पंडित राज नारायण शास्त्री (राजा पंडित) रामायनी ने लंका कांड का मार्मिक और ओजस्वी वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा के दौरान उन्होंने लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब मेघनाद के शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो गए, तब भगवान राम का करुण भाव और हनुमान जी का समर्पण मानव जीवन में भाईचारे, त्याग और निष्ठा की मिसाल प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि विपत्ति के समय धैर्य और विश्वास ही सबसे बड़ा संबल होता है।
इसके पश्चात सती सुलोचना प्रसंग का वर्णन करते हुए कथा व्यास ने पतिव्रता धर्म की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि सुलोचना का चरित्र नारी के त्याग, श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। कुंभकरण वध की कथा सुनाते हुए उन्होंने बताया कि अधर्म और अन्याय का अंत निश्चित है, चाहे वह कितना ही शक्तिशाली क्यों न हो। भगवान राम का आदर्श जीवन हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धार्मिक आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों की स्थापना होती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। वरिष्ठ नेता बाबा रामनरेश ने भी कथा की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र के लिए सौभाग्यपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में सपा नेता अहवरन सिंह निषाद, योगेश विरासिया, पूर्व प्रधान बलभद्र सिंह यादव, पूर्व प्रधान राम सिंह निषाद, सुंदर गुर्जर, गजराज कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा के व्यवस्थापक बाबा प्रेम गिरि महाराज ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
संपूर्ण वातावरण भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजता रहा। अंत में आरती और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। ग्रामीणों में कथा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया और आगामी दिवस की कथा के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार