रामलीला में हुआ राम-केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन, दर्शक हुए भावविभोर
मीरजापुर, 03 नवंबर (हि.स.)। विंध्याचल धाम में श्री विंध्य प्राचीन रामलीला समिति एवं श्री विंध्य पंडा समाज की ओर से मोतीझील मार्ग स्थित भंडारा स्थल परिसर में आयोजित दस दिवसीय रामलीला के पांचवें दिन सोमवार की रात राम-केवट संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। इसके साथ ही लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने, खर-दूषण वध तथा मामा मारीच और रावण संवाद का मंचन हुआ। भगवान श्रीराम के जयघोष से रामलीला परिसर गूंजता रहा।
राम-केवट संवाद के प्रसंग में भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ वन जाते समय सरयू नदी के किनारे पहुंचे। नदी पार करने के लिए उन्होंने केवट से नाव मांगी। प्रभु का परिचय जानने के बाद केवट ने कहा कि वह उन्हें नाव पर नहीं बैठा सकता, क्योंकि उनके चरण स्पर्श से पत्थर की शिला अहिल्या का उद्धार हो गया था। ऐसे में उसकी लकड़ी की नाव भी कहीं नारी न बन जाए। इससे उसके परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा।
केवट ने प्रभु श्रीराम से पहले उनके चरण पखारने का आग्रह किया। चरण धोने के बाद उसने प्रभु को नाव से नदी पार कराया। नदी के बीच नाव हिचकोले खाने लगी तो केवट ने ‘प्रभु जी आए हैं मेरी नाव पर, सभी लोग देखना’ गीत गाकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। नदी पार उतरने के बाद भगवान श्रीराम ने माता सीता की अंगूठी नाव की उतराई के रूप में केवट को देनी चाही, लेकिन उसने लेने से इनकार कर दिया। केवट ने कहा कि उसका घर इसी पार है और प्रभु का धाम बैकुंठ में है। जब वह वहां पहुंचे तो प्रभु उसे भवसागर से पार लगा दें। केवट की भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान श्रीराम ने उसे गले लगा लिया।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी लाल भट्ट ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता जानकी का पूजन-अर्चन कर आरती के साथ रामलीला का शुभारंभ किया। राम की भूमिका कमल मिश्रा, लक्ष्मण की देवी दीक्षित, रावण की प्रशांत द्विवेदी, सीता की पूजा वर्मा, केवट की शिखर गिरी, मारीच की उत्सव पांडेय, खर की गिरजेश द्विवेदी और दूषण की धीरेंद्र पांडेय ने निभाई। व्यास की भूमिका गोपी मिश्रा ने निभाई। ढोलक पर रंगनाथ, ऑर्गन पर रामप्रसाद और शहनाई पर तौलन प्रसाद ने संगत की।
मंच का संचालन कार्यक्रम संयोजक एवं मंत्री आदर्श उपाध्याय ने किया। इस दौरान संरक्षक प्रकाश चंद्र पांडेय, अध्यक्ष संगम लाल त्रिपाठी, निर्देशक प्रशांत द्विवेदी, उपाध्यक्ष पशुपतिनाथ मिश्रा, रामेश्वर त्रिपाठी, सहमंत्री लव दूबे, कोषाध्यक्ष विक्रम मिश्रा निशु, व्यवस्था प्रमुख शिखर गिरी, पंकज द्विवेदी, भानु पाठक, संतोष कुमार सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिसकर्मी तैनात रहे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा