राम की सहधर्मिणी के रूप में चट्टान की तरह अडिग रहने वाली शक्ति है सीता : महानगर अध्यक्ष

 


वाराणसी, 20 अप्रैल (हि. स.)। वाराणसी में चेतगंज स्थित महर्षि ज्ञानानन्द महाराज सभागार आर्य महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अन्तरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या एवं आर्य महिला नागरमल मुरारका मॉडल स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में नारी शक्ति वंदन के अंतर्गत 'सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति तत्व उत्सव' के परिप्रेक्ष्य में एक दिवसीय संगोष्ठी, संभाषण प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक उत्सव का शुभारम्भ हुआ।

मुख्य अतिथि भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरी ने कहा कि माता सीता का व्यक्तित्व केवल त्याग की प्रतिमूर्ति नहीं, बल्कि वह धैर्य, साहस और आत्मसम्मान का वह सर्वोच्च शिखर हैं। जिसने युगों-युगों से भारतीय नारी को शक्ति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि 'सीता तत्व' असल में शक्ति तत्व है। वह विदुषी हैं, राम की सहधर्मिणी के रूप में चट्टान की तरह अडिग रहने वाली शक्ति हैं। महाभारत काल से महिलाएं अपने हक के लिए लड़ने की प्रेरणा लेती रही हैं। नारी समाज को सुधार सकती है। आज इस अवसर पर मुझे यहां आने का अवसर मिला, उसके लिए आयोजक मंडल को धन्यवाद और उपस्थित सभी नारी शक्ति को बहुत-बहुत शुभकामनाएं है।

कार्यक्रम संयोजक पूजा दीक्षित ने अपने सम्बोधन ने कहा कि सांस्कृतिक मंत्रालय उत्तर प्रदेश से यह कार्यक्रम वाराणसी में आर्य महिला विद्यालय को करने के लिए मिला, यह हमारे लिए गर्व की बात है। आज यहां उपस्थित बच्चियों में से ही आगे कोई न कोई निर्णायक भूमिका में होगी। हम सभी से अनुरोध करते हैं कि जो सरकार महिलाओं के हित का काम करेगी हम उसका समर्थन करते रहेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत जयेन्द्र कुमार निदेशक अन्तरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, अयोध्या एवं प्रो. जया मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। इस अवसर पर संभाषण प्रतियोगिता में आर्य महिला पी.जी. कालेज एवं आर्य महिला एन.एम.माडल स्कूल की छात्राओं ने भाग लिया, काव्यार्चन में कवयित्री अंजू चौबे एवं करूणा सिंह कविता पाठ सीता तत्व परिसंवाद एवं रामायण शक्ति के पाठ के माध्यम से नारी के विविध स्वरूपों को प्रस्तुत कर लोगों को अभिभूत कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / शरद