रायबरेली में 50 साल पुरानी सुपर मार्केट को बचाने उतरे व्यापारी, किया धरना- प्रदर्शन
रायबरेली, 04 फरवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली शहर में पचास साल पुराने सुपर मार्केट को बचाने के लिए व्यापारी सड़क पर उतर गए हैं। बुधवार को पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के ख़िलाफ़ व्यापारी संगठनों ने धरना -प्रदर्शन किया है। पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपाेर्ट में इस मार्केट काे जर्जर बताया है।
उल्लेखनीय है कि रायबरेली नगर पालिका परिषद ने वर्ष 1976 में सुपर मार्केट और बहादुर मार्केट का निर्माण कराया था। वर्तमान में यहाँ एक सौ से अधिक व्यापारियों की दुकानें संचालित हैं। सिर्फ छोटे दुकानदार ही नहीं, बल्कि भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई) जैसे बड़े बैंक भी इस परिसर में हैं।
प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों का कहना है कि नगर पालिका बिल्डिंग की हालत इतनी जर्जर नहीं है कि उसे गिराया जाए। मामूली मरम्मत और मेंटेनेंस के जरिए बिल्डिंग को दोबारा मजबूत किया जा सकता है। व्यापारियों का आरोप है कि किसी खास मंशा या साजिश के तहत उन्हें उजाड़ने की कोशिश की जा रही है।
व्यापारी नेता बसंत सिंह बग्गा ने कहा कि यह कार्यवाही को व्यापारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा व्यापारियों के साथ किसी भी कीमत पर अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। यह लड़ाई सड़क से लेकर शासन तक लड़ी जाएगी। अगर नगर पालिका ने अपनी तानाशाही बंद नहीं की, तो पूरा रायबरेली बंद कराया जाएगा।
उधर नोटिस जारी होने के बाद से व्यापारियों में अनिश्चितता और डर का माहौल है। व्यापारियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए और दुकानों को उजाड़ने के बजाय उनके नवीनीकरण पर विचार किया जाए। हालांकि इस बारे में पीडब्ल्यूडी के अधिकारी टिप्पणी करने के लिए राजी नहीं हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रजनीश पांडे