उप्र में पीडब्ल्यूडी के कार्यों में पारदर्शिता, गति और उच्च गुणवत्ता के कड़े निर्देश और नई गाइडलाइंस जारी
लखनऊ, 23 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों में पारदर्शिता, गति और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश और नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार ने हाल ही में विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने, परियोजनाओं में हो रही देरी को खत्म करने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के लिए नियमावली में कई अहम बदलाव किए हैं।
गुणवत्ता, समयबद्धता और सख्त जवाबदेही
प्रमुख सचिव अजय चौहान की ओर जारी पत्र में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर सख्त निर्देश दिए थे कि सभी विकास कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर ही पूरे होने चाहिए।
कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले अफसरों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में मुख्य अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष पीडब्ल्यूडी को पत्र भेज दिया गया है। प्रत्येक जिले की स्थानीय और वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप ही विकास प्रस्ताव और योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राकृतिक आपदाओं और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय स्तर पर हेलीपैड निर्माण के निर्देश भी दिए गए हैं।
अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में वृद्धि
उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा नियमावली में संशोधन: प्रशासनिक देरी (फाइल मूवमेंट) को कम करने के लिए अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों की सीमा को 30 साल बाद बदला गया है।
मुख्य अभियंता अब सीधे 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों/प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा केवल 1 करोड़ रुपये थी। जबकि अधीक्षण अभियंता अब 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों को मंजूरी देने का अधिकार प्राप्त है।
नए पदों का होगा सृजन
विद्युत एवं यांत्रिक संवर्ग के पेपरवर्क को तेज करने के लिए एक नए मुख्य अभियंता पद को जोड़ा गया है, जिससे काम अटके नहीं।
सड़कों के चयन और धन आवंटन के नए नियम
जीडीपी और संतुलित विकास को देखते हुए अब किसी भी जनप्रतिनिधि (सांसद/विधायक) की मनमर्जी या राजनीतिक रसूख के आधार पर सड़कों का निर्माण नहीं होगा। इस लिए प्रत्येक जिले की जीडीपी और वहां के विकास के संतुलन (समान वितरण) को ध्यान में रखकर ही नई सड़कों के निर्माण या पुनर्निर्माण के प्रस्तावों का चयन और बजट जारी किया जाएगा।
ऑनलाइन ठेकेदार पंजीकरण
यूपी पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत सिविल कार्यों (सड़क निर्माण, भवन निर्माण, रखरखाव) के लिए सरकारी निविदाओं (टेंडर) में भाग लेने के लिए UP PWD Portal पर ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है।
कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, सुरक्षा शुल्क और अनुमोदन को डिजिटल करके बिचौलियों और भ्रष्टाचार की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा