देवरिया में महिला के गर्भ में शिशु की मौत के मामले में निजी अस्पताल सील, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

 


देवरिया, 24 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के पथरदेवा कस्बे के मछैला वार्ड स्थित एक निजी अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को सील कर दिया। यह कार्रवाई प्रसव के लिए भर्ती महिला के गर्भ में शिशु की मौत और परिजनों द्वारा इलाज में लापरवाही तथा धन उगाही के लगाए गए आरोपों के बाद की गई है । निरीक्षण के दौरान अस्पताल संचालक मौके पर नहीं मिला और अस्पताल से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

एसीएमओ डॉ. अजीत कुमार सिंह ने इस कार्यवाही के बारे में बताया कि रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव निवासी रीमा देवी, पत्नी रविंद्र चौहान को बुधवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने विभिन्न जांच कराने के बाद ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये की मांग की। परिजनों का कहना है कि रकम जमा कराने के बावजूद डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंचे, जिससे महिला पूरे दिन प्रसव पीड़ा से तड़पती रही।

परिजनों के मुताबिक समय पर ऑपरेशन नहीं होने के कारण गुरुवार तड़के गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई, जबकि महिला की हालत भी गंभीर हो गई। इसके बाद उसे उपचार के लिए महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना से नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही और धन उगाही का आरोप लगाया।

मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। निरीक्षण के दौरान अस्पताल का पंजीकरण, चिकित्सकों की योग्यता और नियुक्ति से संबंधित अभिलेख सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई भी वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने अस्पताल को सील करने की कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान एसीएमओ डॉ. अजीत कुमार सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रभात रंजन, वरिष्ठ लिपिक अरुण शाही तथा पथरदेवा चौकी प्रभारी मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल के दस्तावेजों की जांच पूरी होने और नियमानुसार संतोषजनक अभिलेख मिलने के बाद ही उसे दोबारा खोलने पर विचार किया जाएगा। विभाग ने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक