तकनीक की निगरानी में हुई पीईटी-2026 की परीक्षा, दूसरे दिन 66.75 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने दी परीक्षा
31,602 सीसीटीवी कैमरों और एआई फेस मैचिंग से हुई निगरानी, 93 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारी रहे तैनात
ब्लूटूथ डिवाइस के साथ एक अभ्यर्थी पकड़ा गया, एआई जांच में 22 अभ्यर्थी संदिग्ध चिह्नित
प्रयागराज, 30 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रदेश के 60 जिलों में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दूसरे दिन दोनों पालियों में कुल 11,80,434 अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होना था, जिनमें से 7,87,964 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह कुल उपस्थिति 66.75 प्रतिशत रही।
परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रदेशभर के 1,372 परीक्षा केंद्रों पर व्यापक सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की गई। सभी केंद्रों पर 31,602 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई। आयोग कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के साथ जिला मुख्यालयों पर भी लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम बनाए गए, जहां से अधिकारी परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखते रहे।
एआई और बायोमेट्रिक से हुई पहचान
फर्जी अभ्यर्थियों पर रोक लगाने के लिए परीक्षा केंद्रों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चेहरा पहचान प्रणाली और आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था की गई। प्रत्येक अभ्यर्थी का फोटो और आंखों की पुतली सहित बायोमेट्रिक विवरण दर्ज किया गया। परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की भी बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई।
परीक्षा के दौरान झांसी में आकाश पटेल नामक एक अभ्यर्थी के पास ब्लूटूथ उपकरण मिलने पर संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। वहीं, पहली पाली में 13 और दूसरी पाली में नौ अभ्यर्थियों को एआई के माध्यम से संदिग्ध चिह्नित किया गया। इन सभी मामलों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
93 हजार से अधिक कार्मिकों की तैनाती
परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए 2,744 सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट सहित करीब 93,738 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई। परीक्षा से पहले सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया। सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रत्येक जिले में अभ्यर्थियों की सहायता के लिए अलग हेल्पलाइन भी स्थापित की गई।
परीक्षा की सुरक्षा और गोपनीयता के लिए प्रदेश के 20 जिलों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की तलाशी ली गई। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ उपकरण, स्मार्ट घड़ी, स्मार्ट चश्मे सहित अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष में ले जाने पर रोक रही।
अभ्यर्थियों के आवागमन के लिए अतिरिक्त बसें और ट्रेनें
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त बसों और ट्रेनों का संचालन किया गया। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के साथ ही अभ्यर्थियों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराए गए।
गौरतलब है कि पीईटी-2026 का आयोजन 25 और 30 अक्टूबर तथा एक नवंबर को तीन दिनों में किया जा रहा है। प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 1,372 केंद्रों पर परीक्षा हो रही है। इसके लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे और अपराह्न तीन से शाम पांच बजे तक आयोजित की जा रही है।
आयोग के अनुसार, जिला प्रशासन, पुलिस, एसटीएफ, खुफिया विभाग, मजिस्ट्रेट और परीक्षा केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों के समन्वय से दूसरे दिन की परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। एक नवंबर को होने वाली परीक्षा के लिए भी इसी तरह की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी है। आयोग की प्राथमिकता भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ अभ्यर्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल