रेलवे स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार, दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर
‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ योजना के तहत प्रयागराज मंडल के 28 स्टेशनों पर स्थानीय वस्तुओं की बिक्री की सुविधा
प्रयागराज, 11 अगस्त (हि.स.)। स्थानीय कारीगरों, छोटे उत्पादकों और दिव्यांगजनों को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल में ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ (ओएसओपी) योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत मंडल के 28 स्टेशनों पर स्थानीय एवं स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए स्टॉल और ट्रॉली की व्यवस्था की गई है। रेलवे की इस पहल से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ ही रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी बढ़ेंगे।
योजना के तहत प्रयागराज, सूबेदारगंज, कानपुर सेंट्रल, कानपुर अनवरगंज, अलीगढ़ जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, मानिकपुर, इटावा, फफूंद, मिर्जापुर, टूंडला, फतेहपुर, खुर्जा, दादरी, चुनार, विंध्याचल, गोविंदपुरी, पनकीधाम, झींझक, अछल्दा, भरथना, शिकोहाबाद, फिरोजाबाद, हाथरस, भोगांव, दनवर, मैनपुरी और सोनभद्र स्टेशनों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री की सुविधा उपलब्ध है।
स्टेशन के नाम से जुड़ी खास पहचान
प्रयागराज स्टेशन पर मूंज, अमरूद, आंवला, खादी, कोल्ड-प्रेस सरसों तेल, शहद, अचार-चटनी, मिट्टी के बर्तन और खिलौने जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। सूबेदारगंज में आंवला एवं मूंज के उत्पाद तथा स्थानीय मौसमी फल बिक्री के लिए रखे जाते हैं।
प्रयागराज छिवकी स्टेशन पर आंवला एवं मूंज उत्पादों के साथ मौसमी फल, अचार-चटनी, मिट्टी के बर्तन, खिलौने, पॉपकॉर्न और मूंगफली जैसे उत्पाद उपलब्ध हैं। मानिकपुर में पेड़ा, आंवला उत्पाद, पत्थर एवं लकड़ी के उत्पाद तथा स्थानीय फलों के अचार और रबड़ी-कुल्फी की सुविधा है।
अन्य स्टेशनों पर चमड़े के सामान, हस्तनिर्मित वस्तुएं, पीतल के बर्तन, कांच के सामान, कढ़ाई-कशीदाकारी, सिरेमिक वस्तुएं, मिठाई, स्थानीय खाद्य उत्पाद, बांस के उत्पाद और अन्य स्थानीय वस्तुओं को भी बिक्री के लिए स्थान दिया गया है।
दिव्यांगजनों के लिए भी अवसर
रेलवे ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी स्टॉल संचालन का अवसर दिया है। इसके तहत हस्तशिल्प एवं कलाकृतियां, कपड़ा एवं हस्तकरघा, पारंपरिक परिधान, स्थानीय कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ आदि बेचे जा सकते हैं। जीआई टैग वाले स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का भी प्रावधान है।
स्टॉल के लिए संबंधित स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक के नाम प्रार्थना पत्र के साथ आधार कार्ड की प्रति और दिव्यांगता प्रमाणपत्र जमा करना होगा। आवेदन संबंधित स्टेशन अथवा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज के वाणिज्य विभाग में निर्धारित समय में जमा किया जा सकता है।
प्रयागराज, प्रयागराज-छिवकी, मिर्जापुर, कानपुर, अलीगढ़, इटावा, टूंडला, फतेहपुर और सूबेदारगंज जैसे प्रमुख स्टेशनों पर स्टॉल का मासिक शुल्क 2,000 रुपये, जबकि अन्य स्टेशनों पर 1,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। एक स्टॉल का आवंटन अधिकतम तीन माह के लिए किया जाता है। इसके बाद अगले तीन माह के लिए अन्य पात्र दिव्यांगजन को अवसर दिया जा सकता है।
स्थानीय हुनर को बड़े बाजार से जोड़ना उद्देश्य
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि ‘एक स्टेशन, एक उत्पाद’ योजना का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और उत्पादकों को रेलवे के माध्यम से बड़ा बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों के आवागमन के केंद्र होते हैं। ऐसे में यहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री से उत्पादकों को नए ग्राहक मिल सकते हैं और क्षेत्र की पारंपरिक कला व उत्पादों को भी पहचान मिलेगी।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए स्टॉल संचालन का अवसर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। रेलवे का प्रयास है कि स्थानीय हुनर और उत्पादों को उचित बाजार मिले तथा अधिक से अधिक पात्र लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल