प्रयागराज : आवारा कुत्तों को पकड़ने गई नगर निगम की टीम से अभद्रता, सरकारी काम में बाधा डालने पर एफआईआर
म्योराबाद और करेली की घटनाओं में 13 और नौ कुत्तों को जबरन ले जाने का आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच
प्रयागराज, 03 नवंबर (हि.स.)। आवारा कुत्तों को पकड़ने और उनकी नसबंदी के लिए चलाए जा रहे नगर निगम के अभियान में बाधा डालने के आरोप में करेली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। नगर निगम के पशु कल्याण विभाग के नायब मोहर्रिर विकास सारस्वत की तहरीर पर तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में कुछ लोगों पर नगर निगम की टीम के साथ अभद्रता, धमकी देने, सरकारी काम में बाधा डालने और पकड़े गए कुत्तों को जबरन छुड़ाकर ले जाने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम की शिकायत के अनुसार, 26 अक्टूबर को सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए टीम म्योराबाद क्षेत्र में गई थी। आरोप है कि वहां कुछ लोगों ने टीम को रोककर धमकी दी कि दोबारा गाड़ी दिखाई देने पर हाथ-पैर तोड़ दिए जाएंगे।
दूसरी घटना दो नवंबर की बताई गई है। शिकायत के मुताबिक, सुबह करीब 10:30 बजे नगर निगम की टीम पशुओं की नसबंदी के लिए चलाए जा रहे एबीसी कार्यक्रम के तहत म्योराबाद पहुंची थी। वहां कुछ लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज की और सरकारी काम में बाधा डाली। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पकड़े गए करीब 13 कुत्तों को जबरन छुड़ाकर ले जाने का आरोप भी लगाया गया है।
शिकायत में आगे बताया गया है कि उसी दिन शाम करीब चार बजे करेली स्थित कुत्ता नसबंदी केंद्र पर भी हंगामा किया गया। कर्मचारियों के साथ अभद्रता करने, केंद्र पर कब्जा करने और नौ कुत्तों को वाहन में भरकर ले जाने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 352, 351(3), 127(2), 132, 221, 224, 296 और 305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक रोहित नगर को सौंपी गई है।
डीसीपी नगर सागर जैन का कहना है कि नगर निगम की ओर से मिली तहरीर के आधार पर करेली थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल