जलभराव से बर्बाद फसलों का सर्वे कर किसानों को मुआवजा दे सरकार : रेवती रमण सिंह
नालों की समय पर सफाई और खुदाई नहीं होने से बिगड़ी स्थिति, पूर्व सांसद ने अधिकारियों से की वार्ता
प्रयागराज, 22 अगस्त (हि.स.)। पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह ने शनिवार को जलभराव के कारण बर्बाद हुई फसलों का तत्काल सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहरों में बरसात से पहले नालों की सफाई और ग्रामीण क्षेत्रों में नालों व ड्रेनों की समय से खुदाई नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति गंभीर हुई है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर किसानों को राहत दिलाने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा।
पूर्व सांसद ने मेजा के उपजिलाधिकारी से बातचीत में कहा कि मेजा और मांडा क्षेत्र में नालों व ड्रेनों की खुदाई नहीं होने से कई दिनों से किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ है। इससे फसलें बर्बाद हो रही हैं। उन्होंने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराकर किसानों को सरकार से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की। इसी तरह उन्होंने कोरांव, करछना और बारा क्षेत्र के अधिकारियों से भी किसानों की फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर राहत दिलाने को कहा।
किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही व्यवस्था
सांसद उज्जवल रमण सिंह के प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कहा कि कुंवर रेवती रमण सिंह जब सिंचाई मंत्री थे, तब उनके कार्यकाल में बड़े पैमाने पर नालों और ड्रेनों की खुदाई कराई गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में स्थिति इसके विपरीत है। किसानों को खाद के लिए घंटों कतार में लगना पड़ रहा है। किसी तरह खाद मिलने के बाद किसान अपनी मेहनत और पूंजी लगाकर फसल तैयार करता है, लेकिन सरकारी तंत्र की लापरवाही से बारिश का पानी खेतों में कई दिनों तक जमा रहता है और फसल सड़कर बर्बाद हो जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नालों और ड्रेनों की खुदाई करा दी जाती तो किसानों की मेहनत और पूंजी पर पानी नहीं फिरता। इसी तरह शहर के नालों की सफाई भी बारिश शुरू होने से पहले करा दी जाती तो आज जलभराव की इतनी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती।
पूर्व सांसद ने प्रशासन से मांग की कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वे कराया जाए और जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उन्हें शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही भविष्य में जलभराव की समस्या से बचने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नालों की नियमित सफाई व खुदाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल