महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति पहचाननी होगी : निधि द्विवेदी

 




क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका का विद्यालय में एक दिवसीय प्रवास, छात्राओं और माताओं से शिक्षा, संस्कार व आत्मनिर्भरता पर संवाद

प्रयागराज, 22 सितंबर (हि.स.)। महिलाओं को अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानना होगा। इससे वे अपने परिवार के साथ समाज के विकास में भी सार्थक योगदान दे सकेंगी। यह बातें मंगलवार को सिविल लाइन स्थित ज्वाला देवी सरस्वती विद्यामंदिर इंटर कालेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय बालिका शिक्षा संयोजिका निधि द्विवेदी ने कहीं। उन्होंने छात्राओं और माताओं से शिक्षा, संस्कार तथा आत्मनिर्भरता को जीवन का महत्वपूर्ण आधार बनाने का आह्वान किया।

मंगलवार को निधि द्विवेदी का विद्यालय में एक दिवसीय प्रवास हुआ। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की छात्राओं, कन्या भारती की बहनों, केशव एवं माधव संकुल की बालिका शिक्षा प्रमुखों तथा मातृ भारती की माताओं के साथ अलग-अलग सत्रों में संवाद किया।

मातृ भारती की बहनों को संबोधित करते हुए उन्होंने महिला सशक्तीकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि महिलाओं में आत्मविश्वास और अपनी क्षमताओं की पहचान उन्हें परिवार और समाज के लिए अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में सक्षम बनाती है।

छात्राओं और कन्या भारती की बहनों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता से जुड़े विषयों पर चर्चा की। उन्होंने बालिकाओं को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर केशव संकुल की बालिका शिक्षा प्रमुख एवं विद्यालय की आचार्या बहन गरिमा जायसवाल के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। संकुल प्रमुखों और आचार्याओं ने बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी और आगामी योजनाओं पर चर्चा की।

कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं, बहनों और माताओं ने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने तथा समाज के उत्थान में योगदान देने के संकल्प को दोहराया।

हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल