वंदे मातरम् का सामूहिक गायन विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और कर्तव्य-बोध को करता है मजबूत : डॉ. शैलेन्द्र मिश्र
नमामि भारतम् के तहत ज्वाला देवी विद्यालय में सामूहिक गायन, राष्ट्रभक्ति से सराबोर हुआ परिसर
प्रयागराज, 25 सितंबर (हि.स.)। वंदे मातरम् भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से गहराई से जुड़ा हुआ है। इसका सामूहिक गायन विद्यार्थियों में देश के प्रति सम्मान, कर्तव्य-बोध और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करता है। विद्यार्थियों को देश की गौरवशाली परंपरा और संस्कृति के प्रति जागरूक रहते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। यह बातें शुक्रवार को ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगापुरी, रसूलाबाद में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे सामूहिक वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. शैलेन्द्र मिश्र ने कहीं।
ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गंगापुरी, रसूलाबाद में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे सामूहिक वंदे मातरम् गायन का आयोजन किया गया। इसमें विद्यालय के विद्यार्थियों, आचार्यों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एक साथ वंदे मातरम् के गायन से विद्यालय परिसर राष्ट्रभक्ति के भाव से गूंज उठा।
मुख्य अतिथि डॉ. शैलेन्द्र मिश्र ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय भावना के साथ सामाजिक समरसता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से देश की संस्कृति और परंपराओं को समझने तथा राष्ट्र के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पांडेय ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को अनुशासन, सेवा और समर्पण के भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, अनुशासन और एकाग्रता के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य, पूर्व छात्र, अभिभावक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल