भीषण गर्मी में बिजली संकट से परेशान है जमुनापार, बेफिक्र है सरकार : सांसद

 


प्रयागराज, 23 मई (हि.स.)। इलाहाबाद के सांसद उज्जवल रमण सिंह ने भीषण गर्मी के बीच बढ़ती बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता पानी और बिजली के लिए परेशान है, जबकि जिम्मेदार लोग उनकी समस्याओं से बेखबर हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के कार्यकाल में जमुनापार को ऊर्जा उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की मजबूत नींव रखी गई थी और आने वाले समय में यह क्षेत्र देश के अग्रणी बिजली उत्पादन क्षेत्रों में शामिल होगा।

सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान में जमुनापार क्षेत्र जर्जर तारों, फुंके ट्रांसफार्मरों और लगातार हो रही बिजली कटौती से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व सांसद कुंवर रेवती रमण सिंह के बिजली मंत्री रहते जमुनापार को बुंदेलखंड क्षेत्र में शामिल कराया गया था, जिसके कारण यहां लगभग 20 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होती थी।

उन्होंने बताया कि पर्यावरण मंत्री रहते हुए सांसद उज्जवल रमण सिंह ने तीन बिजली उत्पादन परियोजनाओं को स्वीकृति दिलाई थी। इनमें मेजा और बारा परियोजनाओं से उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि कचरी-करछना परियोजना भी शुरू हो सकती थी, लेकिन राजनीतिक अड़चनों के कारण वह आगे नहीं बढ़ सकी।

विनय कुशवाहा के अनुसार, एनटीपीसी मेजा की दूसरी यूनिट को भी स्वीकृति मिल चुकी है, जिसके पूरा होने पर बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। वहीं पीपीजीसीएल बारा की दूसरी यूनिट भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाओं के विस्तार के बाद प्रयागराज का जमुनापार क्षेत्र बिजली उत्पादन के मामले में देश में अग्रणी स्थान प्राप्त कर सकता है।

उन्होंने कहा कि यह दूरदर्शी विकास सोच और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिणाम है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों में पूरे क्षेत्र को मिलेगा। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि मौजूदा बिजली संकट को दूर करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल