प्रयागराज में पर्यटन विकास को मिली नई रफ्तार, धार्मिक स्थलों से लेकर इको टूरिज्म तक सुविधाओं का विस्तार
13,142.51 लाख रुपये से धार्मिक स्थलों का विकास, 2,708.81 लाख से फसाड लाइटिंग; पर्यटन नीति के तहत 1,52,332.70 लाख रुपये का निवेश
प्रयागराज, 11 सितंबर (हि.स.)। तीर्थराज प्रयागराज की धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को और मजबूत करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से बीते वर्षों में बड़े पैमाने पर विकास एवं सौन्दर्यीकरण के कार्य कराए गए हैं। धार्मिक स्थलों पर पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के साथ ही फसाड लाइटिंग, इको टूरिज्म, आवासीय सुविधाओं और पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार पर भी विशेष जोर दिया गया है। पर्यटन नीति-2022 के माध्यम से जनपद में 1,52,332.70 लाख रुपये का निवेश भी प्राप्त हुआ है।
पर्यटन विभाग की ओर से धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13,142.51 लाख रुपये की लागत से विभिन्न परियोजनाएं पूरी कराई गई हैं। इनमें 12 माधव एवं परिक्रमा पथ से जुड़े मंदिरों में अवस्थापना सुविधाओं का विकास, भैरव बाबा मंदिर मेहबाचा-नैनी का सौन्दर्यीकरण, श्रृंगवेरपुर धाम में निषादराज पार्क के प्रथम एवं द्वितीय चरण का निर्माण तथा भगवान श्रीराम और गुहराजा निषादराज की 51 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा प्रमुख हैं।
इसके अलावा दशाश्वमेध मंदिर, भारद्वाज आश्रम, मंकामेश्वर मंदिर, वेणी माधव मंदिर, कल्याणी देवी मंदिर, कोटेश्वर महादेव मंदिर, शूलटंकेश्वर मंदिर, दुर्वासा आश्रम, गंगोली शिवालय, बरखंडी महादेव मंदिर, तक्षक तीर्थ, लाक्षागृह समेत अनेक धार्मिक स्थलों पर विकास, जीर्णोद्धार और सौन्दर्यीकरण के कार्य कराए गए हैं। श्रृंगवेरपुर धाम में थीमेटिक गेट, पार्किंग, म्यूरल आर्ट और शौचालयों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य भी हुए हैं।
रात में भी जगमगा रहे प्रमुख पर्यटन स्थल
प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को रात्रि में भी आकर्षक बनाने के लिए **2,708.81 लाख रुपये** से फसाड लाइटिंग कराई गई। नागवासुकी मंदिर, अलोपी देवी मंदिर, श्रृंगवेरपुर धाम स्थित श्रृंगी ऋषि आश्रम, शंकर विमान मंडपम, म्योहाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नैनी ब्रिज, शास्त्री ब्रिज और सिविल लाइंस स्थित हनुमान मंदिर में आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से इन स्थलों की खूबसूरती बढ़ी है।
इको टूरिज्म और आवासीय सुविधाओं पर जोर
प्रकृति आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 499.87 लाख रुपये से मेजा के कृष्ण मृग आरक्षित क्षेत्र में इको पार्क और पर्यटक सुविधाओं का विकास कराया गया है। वहीं, पर्यटकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था के लिए 736.50 लाख रुपये से होटल राही इलावर्त और होटल त्रिवेणी दर्शन का उच्चीकरण किया गया। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय का भी उन्नयन कराया गया है।
पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने के साथ प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। युवा पर्यटन क्लब के तहत विद्यार्थियों के भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। महाकुम्भ-2025 को ध्यान में रखते हुए टूरिस्ट गाइड, टैक्सी चालकों, नाविकों और बोटमैन को प्रशिक्षण दिया गया।
पर्यटन नीति से बढ़ा निवेश
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार और उद्यमियों से संवाद के परिणामस्वरूप प्रयागराज में 1,52,332.70 लाख रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है। इससे पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश और रोजगार आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
1,699.97 लाख रुपये से चल रहे नए कार्य
वर्तमान में भी 1,699.97 लाख रुपये की लागत से विभिन्न धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास और सौन्दर्यीकरण का कार्य जारी है। इनमें इंद्री धाम मंदिर जमुनीपुर, दुर्गा मंदिर देवी धाम पंचदेवरा, फलाहारी बाबा मंदिर करछना, भद्रेश्वर महादेव मंदिर, प्राचीन शिवाला मंदिर घीनपुर, भोलेगिरि मंदिर, बजरंग आश्रम मंदिर देवली, बोलन महादेव मंदिर, भेलनाथ महादेव मंदिर, गीता निकेतन मंदिर अलोपीबाग, शंकर जी मंदिर कोरांव और पथरबन्धी महादेवालय शामिल हैं।
पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह ने बताया कि प्रयागराज की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटक सुविधाओं से जोड़ना विभाग की प्राथमिकता है। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विकास, सौन्दर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और बेहतर आवासीय सुविधाओं से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल रहा है। आने वाले समय में भी आवश्यकता के अनुसार नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल