भारत के विचारों में है बसंत का दर्शन : गणेश केसरवानी
प्रयागराज, 22 फ़रवरी (हि.स.)। जब हम वास्तव में प्रकृति का संरक्षण कर पाएंगे तभी आने वाले समय में बसंत का दर्शन हो पाएगा। इसलिए प्रकृति के संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को वृक्ष लगाना अत्यंत जिम्मेदारी है और कहा कि भारत के जीवन दर्शन में बसंत है, जो प्राकृतिक वरदान के रूप में सिर्फ और सिर्फ भारत में ही प्राप्त होती है।
यह बात रविवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा काशी क्षेत्र के मंत्री सैफुल अब्बास के संयोजन में तुलसियानी एस्क्वायर के प्रांगण में बसंत ऋतु प्रकृति का वरदान संगोष्ठी को संबोधित करते हुए प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी ने कही।
उन्होंने कहा कि बसंत ऋतु सभी ऋतुओं का संगम है उन्होंने इस अवसर पर प्रयागराज में नगर निगम के द्वारा किए गए विकास कार्यों की भी चर्चा करते हुए कनिहार में एक जंगल निर्माण करने को लेकर कहा। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संरक्षण करता है हमारा जंगल इसलिए अगर हम जंगल का संरक्षण कर पाएंगे तभी प्राकृतिक वरदान का बसंत मिलेगा।
कार्यक्रम के भाजपा नेता सैफुल अब्बास ने महापौर का स्वागत करते हुए उनके विकास कार्यों का उल्लेख किया। इस अवसर पर कवियत्री वंदना शुक्ला ने अपनी कविता के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया और अधिवक्ता उदय शंकर तिवारी ने अपने विचार व्यक्त किया।
संचालन राजेश केसरवानी एवं धन्यवाद आभार अधिवक्ता सुशील जैन ने किया। इस अवसर भाजपा नेता आशीष केसरवानी,अभिनव प्रसाद, अनुराग भूटानी, अभिषेक जैन, राजेश वैश्य,केशव सिंह, आमिर खान, शंभू चोपड़ा,धवल प्रकाश,अनय प्रताप,श्यामल मुखर्जी, प्रियंका कुशवाहा आदि तुलसियान एस्क्वायर परिवार के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल