एसआरएन अस्पताल में मरीजों को बाहर से दवा-जांच कराने के लिए भेजने पर मंडलायुक्त सख्त

 


डॉ. लोकेश एम. ने कहा—मरीजों को बेहतर उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएं

प्रयागराज, 21 अक्टूबर (हि.स.)। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर से दवाएं खरीदने और जांच कराने के लिए भेजने की शिकायतों पर मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने बुधवार को हुई बैठक में कड़ी नाराजगी जताई है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित व्यवस्थाओं के अनुसार दवाएं, जांच और उपचार की सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। अस्पताल में डॉक्टरों एवं कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ स्वच्छता, मरीजों के मार्गदर्शन और आधारभूत सुविधाओं में समयबद्ध सुधार किया जाए, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

एसआरएन अस्पताल के इमरजेंसी और अन्य वार्डों के पूर्व निरीक्षण में सामने आई कमियों की समीक्षा के लिए बुधवार को मंडलायुक्त ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, उप प्राचार्य, एडी हेल्थ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, सहायक चिकित्सा अधीक्षक और वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ बैठक की। इसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर जोर

मंडलायुक्त ने कहा कि ओपीडी और वार्डों में निर्धारित ड्यूटी के अनुसार सभी चिकित्सकों, रेजिडेंट डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जीपीएस आधारित उपस्थिति के साथ भौतिक उपस्थिति रजिस्टर भी रखा जाए। चिकित्सक निर्धारित एप्रन में रहें और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था की जाए।

रिसेप्शन पर 24 घंटे मिलेगी मरीजों को मदद

एसआरएन अस्पताल में प्रयागराज के साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। इसे देखते हुए मंडलायुक्त ने रिसेप्शन व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। रिसेप्शन पर तीन पालियों में 24 घंटे दो से तीन स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे, जो मरीजों और उनके तीमारदारों को सही विभाग तक पहुंचने तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त करने में मदद करेंगे। इस व्यवस्था की जिम्मेदारी सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जितेंद्र शुक्ला को सौंपी गई है। उन्हें एक सप्ताह में व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए।

अस्पताल के सभी गलियारों में स्पष्ट और दूर से दिखाई देने वाले संकेतक लगाए जाएंगे। पर्याप्त रोशनी, हवा और पंखों की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए प्राचार्य को एक माह का समय दिया गया है। दो गलियारों में एक सप्ताह के भीतर सुधार कराकर मंडलायुक्त को दिखाने के निर्देश दिए गए।

ओपीडी और वार्डों में सुधरेगी व्यवस्था

मंडलायुक्त ने ओपीडी और वार्डों में पुरानी अथवा जंग लगी जांच मेज, खराब वॉशबेसिन और अन्य कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा उपकरणों की उचित देखभाल, फोर्सेप्स का समुचित निर्जीवीकरण, दवाओं को व्यवस्थित रखने और बेडशीट, गॉज सहित अन्य सामग्री की स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा। सुधार कार्यों की पहले और बाद की तस्वीरें दस दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

इमरजेंसी और गायनी वार्ड में ग्लव्स, बेडशीट, मैकिनटॉश तथा अन्य आवश्यक सामग्री की कमी दूर करने के लिए महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और मेडिकल सप्लाई को पत्र भेजने को कहा गया। मंडलायुक्त ने इस संबंध में स्वयं भी आगे की कार्रवाई की निगरानी करने की बात कही। दोनों वार्डों में स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्टील बेसिन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए।

रखरखाव और खरीद प्रक्रिया में आएगी तेजी

अस्पताल में मरम्मत और रखरखाव के कार्यों को समय से पूरा करने के लिए मेंटेनेंस सेल गठित किया जाएगा। मंडलायुक्त ने आवश्यक इंजीनियरिंग और तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। चिकित्सा उपकरणों और अन्य जरूरी सामान की खरीद प्रक्रिया में होने वाली देरी दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग, मेला प्राधिकरण और अन्य विभागों से विशेषज्ञ सहयोग लेने को भी कहा गया। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन को अपनी जरूरतों और प्रस्तावित कार्यों का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, विशेषकर चिकित्सकीय-कानूनी अभिलेखों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने को कहा गया, जिससे जरूरत पड़ने पर रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सकें।

लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही

बैठक में यह भी सामने आया कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए बुलाई गई बैठक में कई विभागाध्यक्ष अनुपस्थित रहे। इस पर मंडलायुक्त ने अनुपस्थिति का कारण पूछा। प्राचार्य की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और निर्धारित समय-सीमा में सुधार कार्य पूरा कराने पर जोर दिया।

मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल की कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए। शिकायतों का प्रभावी निस्तारण हो और मरीजों को सुगम, गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग मिलकर काम करें।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल