विश्व शांति के लिए संगठित और समरस हिंदू समाज जरूरी : डॉ. मुरारजी त्रिपाठी

 




हिंदू जीवन दर्शन शांति और सद्भाव के माध्यम से वैश्विक समस्याओं के समाधान का पक्षधर

प्रयागराज, 12 सितंबर (हि.स.)। विश्व शांति और समृद्धि के लिए समरस एवं संगठित हिंदू समाज का निर्माण आवश्यक है। हिंदू जीवन दर्शन शांति और सद्भाव के माध्यम से वैश्विक समस्याओं के समाधान का मार्ग दिखाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के समय से ही इसी दिशा में कार्य कर रहा है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. मुरारजी त्रिपाठी ने शनिवार को झूंसी स्थित प्रभु दत्त ब्रह्मचारी नगर के गौधाम परिसर में आयोजित प्रमुख जन संवाद संगोष्ठी में व्यक्त किए।

संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. मुरारजी त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में विभिन्न देशों के बीच अपना-अपना वर्चस्व स्थापित करने की होड़ से पूरा विश्व प्रभावित है। ऐसे समय में भारत का प्राचीन जीवन दर्शन शांति, सद्भाव और एकत्व की भावना के साथ वैश्विक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति और समृद्ध परंपराओं में सौहार्दपूर्ण विश्व के निर्माण का अनुभवजनित ज्ञान मौजूद है। भारतीय चिंतन मनुष्य को विभेदकारी और आत्मघाती प्रवृत्तियों से बचाते हुए समस्त जीव-जगत में एकत्व की भावना स्थापित करने और शांति सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त करता है।

प्रांत प्रचार प्रमुख ने कहा कि समाज में सभी प्रकार के भेदभाव को दूर कर समरसता आधारित आचरण को अपनाने की जरूरत है। पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली, संगठित परिवार, स्वबोध और नागरिक कर्तव्यों के प्रति प्रतिबद्ध समाज के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। इसी आधार पर सामाजिक समस्याओं का समाधान और वैश्विक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रधानाचार्या सुजाता पांडे ने की। मंच पर नगर संघ चालक विनोद उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और सामूहिक वंदे मातरम् गान से हुआ। समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। विषय प्रवर्तन, संचालन और अतिथि परिचय नगर कार्यवाह अजय ने किया।

इस अवसर पर सह नगर संघ चालक राम, सह नगर कार्यवाह अमित, सह विभाग प्रचार प्रमुख मुकेश, विजेंद्र कुमार राय, अधिवक्ता रवि, रितेश, राजेश, पूर्व चेयरमैन राम लखन यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल