डॉ हेडगेवार हिंदू समाज को संगठित करने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन किया समर्पित : ब्रह्म शंकर

 


--वर्ष प्रतिपदा पर स्वयंसेवकों ने किया आद्य सरसंघचालक प्रणाम, बहनों का पथ संचलन आकर्षण का केंद्र

प्रयागराज, 19 मार्च (हि.स.)। डॉ. हेडगेवार ने हिंदू समाज को संगठित करने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों से आज देश भर में सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हुआ है। उक्त बातें गुरुवार को प्रयागराज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में वर्ष प्रतिपदा का उत्सव पारम्परिक कार्यक्रम में शामिल संघ के स्वयं सेवकों को सम्बोधित करते हुए भाग कार्यवाह ब्रह्म शंकर ने कही।

उन्होंने सामाजिक परिवर्तन के लिए पंच परिवर्तन के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फूल सिंह यादव ने किया।

प्रयागराज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में वर्ष प्रतिपदा का उत्सव पारम्परिक रूप से मनाया गया। प्रयाग विभाग के सभी 40 नगरों में नव वर्ष का स्वागत करते हुए स्वयंसेवकों ने आद्य सरसंघचालक प्रणाम कर संघ संस्थापक डॉ. केशव राव बलिराम हेडगेवार के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

विश्वविद्यालय नगर स्थित विवेकानंद शाखा पर प्रातःकाल गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने डॉ. हेडगेवार की प्रतिमा के समक्ष प्रणाम किया।

इस अवसर पर प्रांत प्रचार प्रमुख डॉ. मुरारजी त्रिपाठी, कुटुंब प्रबोधन के डॉ. एस.पी. सिंह, सेवा प्रमुख विभूति द्विवेदी, योगेंद्र सिंह, हरदेव सिंह, छवीपाल सिंह और नगर कार्यवाह सुधीर सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दूसरी ओर राष्ट्र सेविका समिति प्रयाग विभाग की बहनों ने गणवेश व मंगल वेश में घोष के साथ पथ संचलन निकाला, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। प्रयाग उत्तर के नागवासुकी मंदिर के सामने आयोजित कार्यक्रम में बहनों ने एक साथ आदेश पर आद्य सरसंघचालक को प्रणाम किया। काशी प्रांत की सह संपर्क प्रमुख मंजू दरबारी ने वर्ष प्रतिपदा के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. कृतिका अग्रवाल ने समाज निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय नारी गार्गी, मैत्रेयी और अपाला की परम्परा को आगे बढ़ाकर समाज को बौद्धिक दिशा प्रदान कर सकती है।

घोष प्रमुख रीना के नेतृत्व में निकाले गए पथ संचलन में प्रिया तिवारी, सुलोचना, निधि, आशा त्रिपाठी, सुधा, सीमा, प्रकाश, अर्चना राय सहित बड़ी संख्या में बहनें शामिल रहीं।

शहर के साकेत नगर, त्रिवेणी, गंगानगर, गोविंद नगर और ब्रह्मचारी नगर सहित विभिन्न स्थानों पर भी वर्ष प्रतिपदा के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां विभिन्न वक्ताओं ने स्वयंसेवकों को संबोधित कर संगठन और सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल